मुजफ्फरपुर, जेएनएन। एक ओर कोराना का कहर बढ़ रहा है तो वहीं इसके खिलाफ अभियान में भी तेजी आ रही है। इसी क्रम में एमडीडीएम कॉलेज के रसायनशास्त्र विभाग की स्नातक पार्ट थर्ड की छात्रा मेधा शीतलकर ने एक प्रोजेक्ट के तहत घर पर ही एथेनॉल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर बनाया है। इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहीं असिस्टेंट प्रो.डॉ वर्षा तिवारी ने कहा कि यह बाजार में मौजूद अन्य सेनिटाइजर की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और उपयोगी है।

 बताया कि बाजार में हैंड सेनिटाइजर, अल्कोहल व रबिंग स्प्रिट की किल्लत को देखते हुए इस प्रोजेक्ट को शुरू किया। छात्रा मेधा शीतलकर ने इस मौके को भुनाया और सेनिटाइजर का सफल निर्माण किया। इसके बनाने की विधि यू-ट्यूब और कॉलेज के वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दी गई है।  प्राचार्य डॉ.कनुप्रिया व रसायनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ.रेखा शर्मा ने इस पहल की सराहना की। कहा कि इससे अन्य छात्राओं को भी प्रेरणा लेने की जरूरत है। 

होममेड हैंड सैनिटाइजर बनाने के लिए सामग्री व विधि 

- सामग्री :

इथाइल अल्कोहल या एथनॉल (70-80 फीसद) बनाने के लिए 1 किलो चीनी और 1 लीटर पानी, ग्लिलसरीन, एलोवेरा जेल और जैस्मीन तेल (3-4 बूंद)

विधि:

1.पहला चरण: एथनॉल का निर्माण

फर्मेंटेशन (किण्वीकरण) विधि- इस विधि में शक्करमय या स्टार्चमय पदार्थ से यीस्ट का प्रयोग कर इथेनॉल बनाया जाता है। 1 लीटर पानी में एक किलो शक्कर मिलाकर घोल तैयार करें। उसमें थोड़ा यीस्ट डालें। बर्तन के ढक्कन में बैलून लगा कर मिश्रण को 5 दिन के लिए छोड़ दें। 5 दिन के बाद बैलून कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन के कारण फूला जाएगा।

दूसरा चरण : आसवन (डिस्टिलेशन)

मिश्रण को एक ढ़क्कन बंद कूकर में गैस पर धीमे तापमान पर रखें। एथनॉल वाष्प को एकत्रित करने के लिए सिटी के स्थान पर एक पाइप मजबूती से बांधें। पाइप को घुमा कर एक बर्फ के पानी युक्त बाल्टी में डालें जिससे कि वाष्प पुन: इथेनॉल द्रव्य के रूप में बदल जाए। आधे घंटे में इथेनॉल द्रव्य मिलना शुरू हो जाएगा। इसे एकत्रित कर लें।

तीसरा चरण: सामग्रियों का मिश्रण

आसवन विधि द्वारा प्राप्त 1 कप इथेनॉल (80फीसद) में 2 छोटे चम्मच एलोवेरा जेल, एक छोटा चम्मच ग्लिसरीन और सुगंध के लिए 4 बूंदे जैस्मीन तेल की मिलाकर कुछ देर घोलें। मिश्रण को साफ शीशी में डाल दें। इस प्रकार होममेड सैनिटाइजर तैयार हो गया।

विशेषताएं : 

यह सेनिटाइजर एथनॉल बेस्ड है। जो पूर्ण रूप से सुरक्षित और कारगर है। इसमें मेथनॉल और इसोप्रोपनोल के हानिकारक तत्व नहीं हैं। इथेनॉल हाथ में कुछ देर रगडऩे से वाष्प बनकर उड़ जाता है और हाथ पर नहीं ठहरता। यह घर में आसानी से उपलब्ध चीजों से कम आसानी से तैयार किया जा सकता है।

Posted By: Murari Kumar

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