मुजफ्फरपुर : अब स्ट्रीट वेंडर भी प्रमाणिक खाद्य पदार्थ बेच सकेंगे। भूमि सुधार व राजस्व मंत्री रामसूरत राय ने फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (फास्ट्रैक) अभियान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छोटे-छोटे कारोबारी यानी ठेला व खमोचा वालों को बैंक से जोड़कर मदद कर रहे हैं। अब उनको खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लाइसेंस मिले इसके लिए जागरूक करने की जरूरत है। अगर वह लाइसेंस लेंगे तो यह फायदा होगा कि उनको खाद्य सुरक्षा अधिकारी परेशान नहीं कर पाएंगे। आम लोगों को अपनी गली-मोहल्ले में ही क्वालिटी का खाद्य सामान मिल पाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष रंजन कुमार ने कहा कि खाद्य पदार्थ बेचेने वालों को जागरूक करने से लाइसेंस लेने में तेजी आएगी।

80 प्रतिशत के पास नहीं है लाइसेंस

कार्यक्रम का संचालन करते हुए संचय एजुकेशन के नोडल पदाधिकारी सक्षम किसलय ने बताया कि फास्ट्रैक संस्था की ओर से खाद्य सामग्री बेचने और बनाने वालों को जागरूक किया जाएगा। 2016 से खाद्य सुरक्षा पर नया नियम आया, लेकिन 80 प्रतिशत से ज्यादा दुकानदारों के पास लाइसेंस नहीं है। कोरोना के कहर को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह निर्णय लिया है कि आम उपभोक्ता को शुद्ध और सही खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए निर्माता व विक्रेता के साथ ग्राहक को भी जागरूक होना पड़ेगा। उनका संगठन आने वाले दिनों में शहर के साथ प्रखंड स्तर पर सभी खाद्य पदार्थ विक्त्रेताओं व उत्पादन करनेवालों को प्रशिक्षण देगा। फूड लाइसेंस लेने के लिए भविष्य में प्रेरित भी किया जाएगा। धन्यवाद ज्ञापन आकाक्षा जायसवाल ने किया।

मौके पर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष सरोज जायसवाल, भाजपा नेत्री रितुराज, हरिमोहन चौधरी, सचिन कुमार, अधिवक्ता धर्मेन्द्र साहू, सुधाशु शेखर आदि थे। अतिथियों का स्वागत बुके व अंगवस्त्र से किया गया।

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