मुजफ्फरपुर में SSB ASI पर डिजिटल क्रिएटर से ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म का आरोप, पीड़िता पहुंची पुलिस के पास
Digital Content Creator Exploitation: मुजफ्फरपुर में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के एक एएसआई पर डिजिटल क्रिएटर्स महिलाओं को इंटरनेट मीडिया ...और पढ़ें

रीच बढ़ाने और टेक्निकल सपोर्ट देने के बहाने महिलाओं से संपर्क साधकर भरोसा जीतता था और मोटी रकम ऐंठता था।
HighLights
एसएसबी एएसआई पर महिलाओं को ब्लैकमेल और दुष्कर्म का आरोप।
डिजिटल क्रिएटर्स को इंटरनेट मीडिया के जरिए फंसाया गया।
पीड़िताओं ने पुलिस और एसएसबी मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Ssb Asi Blackmailing Case: सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) मुजफ्फरपुर सेक्टर मुख्यालय में तैनात एक एएसआई पर महिलाओं को इंटरनेट मीडिया के जरिए फंसाने, ब्लैकमेल करने और दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है।
आरोपित जवान उत्तर प्रदेश (लखनऊ) और दिल्ली की उन महिलाओं को निशाना बनाता था, जो इंटरनेट मीडिया पर डिजिटल क्रिएटर के रूप में काम करती थीं।
वह फेसबुक प्रोफाइल की समस्याएं ठीक करने, रीच बढ़ाने और टेक्निकल सपोर्ट देने के बहाने महिलाओं से संपर्क साधकर भरोसा जीतता था और मोटी रकम ऐंठता था।
कंपनीबाग पार्क में मीटअप
इसके बाद महिलाओं को शहर के कंपनीबाग इलाके के सिटी पार्क व इंदिरा पार्क में मीटअप के बहाने बुलाकर शिकार बनाया जाता था।
मामला सात दिसंबर 2025 की रात मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल के कमरा नंबर 103 से जुड़ा है। वहां दिल्ली की एक पीड़िता अपने दो वर्षीय मासूम बच्चे के साथ रुकी हुई थी।
होटल में अमानवीय हरकत
आरोप है कि एसएसबी जवान के सहयोगी ने महिला के शोर मचाने पर बच्चे की गर्दन दबा दी और जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया।
इसके बाद पीड़िता पर जवान के साथ भी शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया गया और इनकार करने पर अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई।
घटना के बाद पीड़िता के दिल्ली चले जाने पर भी आरोपियों का उत्पीड़न जारी रहा और उससे ब्लैकमेल कर 20 हजार रुपये की रंगदारी वसूली गई।
एसएसबी कैंप का मामला
उधर, लखनऊ की एक अन्य पीड़ित महिला डिजिटल क्रिएटर ने अहियापुर थाने में शिकायत दर्ज कराकर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पीड़िता का आरोप है कि एसकेएमसीएच के पास स्थित एसएसबी कैंप के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर ने उससे इंटरनेट मीडिया पर अभद्र व्यवहार और बदसलूकी की।
उसने इस संबंध में 11 अगस्त को उप महानिरीक्षक, सेक्टर मुख्यालय, एसएसबी को स्पीड पोस्ट के जरिए लिखित शिकायत भेजी थी।
गवाही के नाम प्रताड़ना
शिकायत के बाद एसएसबी हेडक्वार्टर से मिले सम्मन का जवाब देने सात सितंबर को पहुंची महिला से शाम छह बजे तक पूछताछ की गई।
आरोप है कि गवाही के नाम पर पीड़िता को जलील और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसका मकसद आरोपी को बचाना था।
जब एएसआई का शिकार बनी दो अन्य लड़कियां वहां पहुंचीं, तो उन्हें भी शिकायत वापस लेने के लिए प्रताड़ित किया गया।
पुलिस जांच की प्रक्रिया
सुरक्षा की गुहार लगाते हुए पीड़िता ने अनहोनी की आशंका जताई है। इस संबंध में अहियापुर थानाध्यक्ष शरत कुमार ने बताया कि फिलहाल उन्हें आवेदन की जानकारी नहीं है। लिखित शिकायत मिलते ही मामले की जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
