पश्चिम चंपारण [अनिल तिवारी]। आसन्न संसदीय चुनाव को लेकर तेजी से बनते -बिगड़ते राजनीतिक समीकरणों के बीच अब राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) का राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से नाता टूटना तय माना जा रहा है। पिछले 48 घंटों से इसको लेकर जारी पार्टी के चिंतन शिविर का फलाफल भी लगभग यही रहा। पार्टी के अधिकांश नेताओं, राष्ट्रीय कार्यसमिति और कोर कमेटी ने भी इसपर सहमति जता दी है।

चिंतन शिविर के बाद सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने भी इशारों में इसके संकेत दिए। कहा कि पार्टी ने उन्हें सभी प्रकार के राजनीतिक निर्णय लेने के लिए अधिकृत कर दिया है। वे इसकी घोषणा तीन दिवसीय चिंतन शिविर के समापन सत्र (खुला अधिवेशन) पर गुरुवार को मोतिहारी में करेंगे।

सूबे में सरकार नाम की चीज नहीं
कुशवाहा ने कहा बिहार में सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। जनता की समस्याओं का समाधान अब इस सरकार से संभव नहीं है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए जो प्रस्ताव दिए थे, उस पर भी कोई अमल नहीं किया गया। शिक्षा का बेड़ा गर्क हो गया है। अब इस सरकार को उखाड़ फेंकना बहुत जरूरी है। इसके लिए कार्यकर्ता संकल्पित हैं।

नीतीश सरकार को आतंकी व पाखंडी बताया
केंद्रीय मंत्री ने नीतीश कुमार की सरकार को आतंकी और पाखंडी तक करार दे दिया। भाजपा पर भी निशाना साधते कहा कि बिहार भाजपा तो नीतीश कुमार की बी टीम बन कर रह गई है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की चल रही मुहिम को लेकर केंद्र की नरेंद्र सरकार पर निशाना साधा। कहा कि चुनाव के ठीक पहले इस तरह का अभियान चलाकर जनता का ध्यान मुख्य मुद्दों से भटकाया जा रहा है।
मंदिर-मस्जिद निर्माण राजनीतिक पार्टी का काम नहीं है। हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कुछ नहीं बोला। कहा कि जो लोग नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने का विरोध कर रहे थे, वही लोग आज एनडीए में हावी हो रहे हैं। यह ठीक नहीं है। बिहार के एनडीए नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पूर्व जो नेता उनका विरोध कर रहे थे आज वही गठबंधन के कर्ताधर्ता बने हैं। आज भी भीतर ही भीतर उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटाने की साजिश कर रहे हैं।
सुशासन में 15 वर्ष पूर्व से भी हालात बदतर
कुशवाहा ने वर्तमान राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। कहा कि बिहार में सुशासन नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। कानून-व्यवस्था मजाक बनकर रह गई है। भ्रष्टाचार, अपराध और संप्रदायिकता पर जीरो टॉलरेंस वाला नीतीश कुमार का दावा हास्यास्पद है। नीतीश के शासनकाल में सृजन घोटाला, शौचालय घोटाला, धान खरीद घोटाला,  शहरी विकास घोटाला और एक रिपोर्ट के अनुसार निरंतर वित्तीय अनियमितताएं हो रही हैं, लेकिन, नीतीश कुमार चुप्पी साधे हैं। आए दिन आपराधिक घटनाएं हो रही हैं।
कॉलेजियम सिस्टम खत्म हो
उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्र सरकार से अविलंब कॉलेजियम सिस्टम समाप्त कर अखिल भारतीय न्यायिक सेवा की स्थापना करने की मांग की है। उनकी पार्टी दलितों, अतिपिछड़ों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों व ऊंची जाति के गरीबों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उच्चतर न्यायपालिका में उक्त वर्गों की उचित भागीदारी के लिए रालोसपा देशभर में अभियान चला रही है। वर्तमान व्यवस्था संविधान विरोधी और गैर लोकतांत्रिक है।

Posted By: Amit Alok