बेनीपट्टी (मधुबनी), जासं। पुलिस अधीक्षक डॉ. सत्यप्रकाश ने गुरुवार को पुलिस निरीक्षक कार्यालय बेनीपट्टी पहुंच कर बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश हत्याकांड की विस्तार से समीक्षा की। एसपी ने मृतक अविनाश के पिता व भाई से विभिन्न बिंदुओं पर घटना के संबंध में जानकारी ली। समीक्षा के बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. सत्यप्रकाश ने कहा कि अविनाश हत्याकांड की समीक्षा की गई है। स्वजनों से बयान लिया गया है। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में जिन नर्सिंग होम का नाम है, उनके खिलाफ अविनाश मुहिम चला रहा था। बयानों से स्पष्ट होता कि साजिश के तहत अविनाश की हत्या की गई है। पुलिस अब तक छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। 

साक्ष्य के अनुसार अनुसंधान के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। हत्याकांड के संलिप्त अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे। गिरफ्तार लोगों की मामले में संलिप्तता के सवाल पर एसपी ने कहा कि अभी अनुसंधान चल रहा है। परिस्थिति जन्य साक्ष्य इनकी संलिप्तता बता रहे हैं। जांच अभी चल ही रही है। जो भी दोषी होंगे उन्हें किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस अवसर पर डीएसपी अरुण कुमार सिंह, पुलिस निरीक्षक राजेश कुमार, थानाध्यक्ष अरविन्द कुमार, अनि मृत्युंजय कुमार, मृतक अविनाश के पिता दयानंद झा, भाई चन्द्रशेखर झा व बीजे विकास सहित अन्य लोग मौजूद थे।

बता दें कि बेनीपट्टी निवासी आरटीआइ कार्यकर्ता एवं पत्रकार बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश नौ नवंबर की रात अचानक गायब हो गए। अपहरण की आशंका के बाद उनके भाई ने बेनीपट्टी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई जिसमें बेनीपट्टी के 11 नर्सिंग होम का उल्लेख करते हुए अपहरण की आशंका जताई गई थी। एक दिन बाद ही 12 नवम्बर को पुलिस ने उड़ेन गांव के निकट अविनाश का अधजला शव बरामद किया। इस मामले में अब तक पुलिस एक महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इधर, इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। अविनाश के हत्यारों की गिरफ्तारी एवं स्पीडी ट्रायल से उन्हें कठोरतम सजा दिलाने की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है। इस बीच पुलिस पर भी मामले को डायवर्ट करने का आरोप लग चुका है। बहरहाल, एसपी की समीक्षा के बाद लेागों में उम्मीद जगी है कि अविनाश के हत्यारे जल्द ही समाज के सामने होंगे। 

Edited By: Ajit Kumar