मुजफ्फरपुर, जागरण संवााददाता। कोरोना के दूसरे लहर में फजीहत झेल चुका स्वास्थ्य विभाग तीसरे लहर की अशंका को देखते हुए अभी से कमर कस रहा है। जानकारों की मानों तो नवम्बर में तीसरी लहर आने के संकेत मिल रहे है। एसकेएमसीएच में 20 टन का क्रायोजेनिक टैंक मंगाया जा रहा है। वहीं पहले से एक डीआरडीओ का 20 टन क्षमता वाला टन उपलब्ध है। 100 ऑक्सीजन कंट्रेस्टर रहेगा जो सीधे वाायुमंडल से ऑक्सीजन आवश्यक्तानुसार बना लेगा। वहीं सदर अस्पाताल में पीकू वार्ड व आईसीयू को दुरूस्त किया जा रहा है। पीकू वार्ड व आईसीयू में बेड की संख्या बढाई जाएगी।

इस तरह से चल रही तैयारी

एसकेएमसीएच के प्राचार्य डा.विकास कुमार ने बताया कि इस बार कोरोना को लेकर 324 बेड का इंतजाम किया गया। लेकिन ऑक्सीजन का संकट झेलना पड़ा। लेकिन अब लहर नहीं है तथा सारी सि्िथति नियंत्रण में है। ऑक्सीजन संकट नहीं हो इसके लिए 20-20 टन का दो क्रायोजेनिक टैंक उपलब्ध होगी। एक सौ बेड का चलंत अस्पताल आईसीआईसी आई की मदद से तैयार हो रहे है। उस यूनिट का अपना खुद ऑक्सीजन कंट्रेटर रहेगा। एक हजार लीटर प्रतिदिन ऑक्सीजन का उत्पादन परिसिर में हो इसकी तैयारी है। इसके साथ वायुमंडल से ऑक्सीजन बनाने वाला यानी ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर भी जिेेनरल वार्डज् से लेकर पीकू वार्ड तक उपलब्ध रहेगा। इसकी पूरी तरह से तैयारी चल रही है। किसी तरह की कमी नहीं रहने दी जाएगी। सरकारी से लेकर गैर सरकारी स्तर पर लोग ऑक्सीजन में सहयोग को आगे आ रहे है।

Edited By: Murari Kumar