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SKMCH में इंसानियत शर्मसार, 200 रुपये लेकर इलाज कराने आए मरीज से वसूली, खाने तक के पैसे नहीं छोड़ा

Published: Sun, 14 Jun 2026 12:05 PM (IST)

Health Department Bihar: मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में स्ट्रेचर और ट्रॉली के नाम पर मरीजों से अवैध वसूली का मामला सामने ...और पढ़ें

इलाज कराने आए एक अत्यंत गरीब मरीज से ट्राली कर्मियों ने जबरन पैसे ऐंठ लिए। (AI Generated Image)

इलाज कराने आए एक अत्यंत गरीब मरीज से ट्राली कर्मियों ने जबरन पैसे ऐंठ लिए। (AI Generated Image)

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। SKMCH Extortion Case: उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है।

अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में स्ट्रेचर और ट्राली सुविधा के नाम पर बेबस मरीजों से अवैध वसूली का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को इलाज कराने आए एक अत्यंत गरीब मरीज से ट्राली कर्मियों ने जबरन पैसे ऐंठ लिए।

पीड़ित के पास इतने पैसे भी नहीं बचे कि वह अपने लिए खाना खरीद सके। इस घटना से आहत पीड़ित ने अस्पताल अधीक्षक से लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।

बहन को भर्ती कराने आया था पीड़ित

जानकारी के अनुसार, सीतामढ़ी जिले के बेला थाना क्षेत्र के मलाही गांव का निवासी रविंद्र कुमार अपनी बहन ऊषा कुमारी को गंभीर स्थिति में इलाज के लिए एसकेएमसीएच लेकर आया था।

इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत वार्ड में भर्ती कर बेड पर शिफ्ट करने का निर्देश दिया।

पैसे न देने पर बदसलूकी

जब रविंद्र ने ट्राली कर्मियों से अपनी बहन को बेड तक पहुंचाने का अनुरोध किया, तो काम खत्म होते ही कर्मियों ने पैसों की मांग शुरू कर दी।

रविंद्र ने अपनी गरीबी और लाचारी का हवाला देते हुए रुपये देने में असमर्थता जताई। इस पर ट्राली कर्मी भड़क गए और मरीज के भाई के साथ बदसलूकी और जबरदस्ती करने लगे।

खाना खाने तक के पैसे नहीं छोड़े

हंगामे और बदसलूकी से डरकर मजबूर रविंद्र ने अपनी जेब में रखे कुल 200 रुपये का नोट कर्मियों को दे दिया। उसने कर्मियों के सामने हाथ जोड़कर मिन्नत की कि उसे 100 रुपये वापस दे दें ताकि वह खाना खा सके।

लेकिन दबंग महिला ट्राली कर्मियों का दिल नहीं पसीजा। उन्होंने रविंद्र की जेब से पैसे ऐंठने के बाद महज 50 रुपये वापस किए और 150 रुपये खुद रख लिए।

'20 हजार रिश्वत देकर ली नौकरी'


पीड़ित रविंद्र ने बताया कि जब उसने इस अवैध वसूली का कड़ा विरोध किया, तो ट्राली कर्मियों ने अस्पताल की पूरी व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर दिए।

कर्मियों ने सीना ठोककर कहा, "हम लोग यहां 20-20 हजार रुपये की रिश्वत देकर बहाल हुए हैं। अगर मरीजों से इस तरह रुपये नहीं वसूलेंगे, तो हमारा घर और परिवार कैसे चलेगा?"

अधीक्षक ने दिए जांच के आदेश

इस शर्मनाक घटना के बाद पीड़ित ने अस्पताल के अधीक्षक से मुलाकात कर दो महिला ट्राली कर्मियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।

जांच में दोषी पाए जाने वाले ट्राली कर्मियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।