एमबीबीएस नहीं तो पारा मेडिकल सही, SKMCH में दाखिला शुरू, पहले दिन 62 नामांकन
SKMCH मुजफ्फरपुर में पैरा मेडिकल पाठ्यक्रमों के नए सत्र में नामांकन शुरू हो गया है, जिसमें पहले ही दिन 62 ...और पढ़ें

बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बोर्ड की काउंसिलिंग के आधार पर नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। SKMCH Muzaffarpur: श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय में पारा मेडिकल पाठ्यक्रमों के नए सत्र में नामांकन शुरू हो गया है।
दाखिले के पहले ही दिन कालेज परिसर में अभ्यर्थियों और अभिभावकों की भारी भीड़ उमड़ी। बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बोर्ड की काउंसिलिंग के आधार पर नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई।
प्रमाणपत्रों की हुई जांच
नामांकन प्रभारी डॉ. शोभा कुमारी के नेतृत्व में अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की बारीकी से जांच की गई। विभिन्न पारा मेडिकल ट्रेडों में अब तक कुल 62 छात्र-छात्राओं ने नामांकन लिया है। अलग-अलग ट्रेड के लिए कॉलेज में अलग-अलग शिक्षक मुस्तैद दिखे।
रोजगारपरक कोर्सों में रुचि
पारा मेडिकल के तहत छात्रों ने ओटी असिस्टेंट, लैब, एक्स-रे, आई सहायक और ड्रेसर जैसे कोर्स चुने हैं। प्राचार्य डॉ. कुमारी विभा ने बताया कि 62 में से 9 छात्रों ने ही अभी फीस जमा की है। बाकी अभ्यर्थियों को 10 अक्टूबर तक शुल्क जमा करने का अंतिम मौका मिला है।
शुल्क जमा करना अनिवार्य
तय सीमा के भीतर फीस जमा न करने पर नामांकन रद्द माना जाएगा। 10 अक्टूबर के बाद ही कक्षाओं के संचालन का आदेश जारी किया जाएगा। एमबीबीएस की तुलना में पारा मेडिकल कोर्स कम समय और कम खर्च में पूरे होते हैं।
आत्मनिर्भर बनने का मौका
प्रतिष्ठित सरकारी संस्थान से पढ़ाई करने पर छात्रों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। डिप्लोमा या डिग्री पूरी करने के बाद सरकारी और निजी अस्पतालों में तुरंत रोजगार मिल जाता है। लैब व एक्स-रे टेक्नीशियन की मांग जांच का चलन बढ़ने से सबसे अधिक है।
