दलालों के चंगुल में SKMCH का इमरजेंसी वार्ड, निजी अस्पताल ले जाने के लिए मारपीट, घायल मरीज ने दम तोड़ा
मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच अस्पताल में दलालों का बोलबाला है। वे मरीजों को निजी अस्पताल ले जाने के लिए मारपीट करते हैं। एक घायल मरीज को जबरन ले जाने के दौरान उसकी पर्ची फाड़ दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने दलालों पर मारपीट का आरोप लगाया है। अस्पताल प्रशासन मामले की जांच की बात कह रहा है।

SKMCH का इमरजेंसी वार्ड
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। एसकेएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड पर निजी अस्पताल के बिचौलिया का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। मरीज को निजी अस्पताल ले जाने से रोकने पर मारपीट भी कर रहे हैं। उनकी वहां पर्याप्त सुरक्षा नहीं हो रही। इसका खमियाजा मरीज और स्वजन को भुगतना पड़ रहा है।
गुरुवार की देर रात भी कुछ यही हुआ। हादसे में घायल एक मरीज को एसकेएमसीएच से निजी अस्पताल ले जाने के लिए बिचौलिया ने दबंगई दिखाई। मरीज की पर्ची फाड़ दी। इस खींचतान में मरीज ने दम तोड़ दिया। मरीज जिले के अम्मा गांव का सूरज कुमार था।
एसकेएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में लाया
सूरज के भाई दिग्विजय ने बताया कि सड़क दुर्घटना में जख्मी होने पर उसे रात करीब ढाई बजे एसकेएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड लाया था। यहां चिकित्सक भर्ती करने को बोले थे।
इसी दौरान तीन-चार की संख्या में कुछ लोग आए और सूरज को बाहर ले जाने लगे। जब वह रोके तो कहा कि जो चिकित्सक भर्ती करने को बोले थे वही फोरलेन के पास एक अस्पताल ले जाने को बोले है। एंबुलेंस आ रही है। उसी से ले जाना है।
दलालों ने पर्ची छीनकर फाड़ दी
जब वह एसकेएमसीएच में ही इलाज को अड़ गए तो दलाल मारपीट को तैयार हो गए। सूरज की पर्ची छीनकर फाड़ दी। डर के कारण वह छुप गया। बाद में ट्राली कर्मी ने मरीज को अंदर रख दिया।
कुछ देर बाद वह देखा कि सूरज ट्राली पर पड़ा है। उसकी हालत गंभीर थी। जब वह चिकित्सक को कहने गए तो चिकित्सक देखने आए। जब तक सूरज की मौत हो चुकी थी।
अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. सतीश कुमार सिंह ने बताया कि मरीज के स्वजन या इमरजेंसी के गार्ड किसी ने उन्हें ऐसी सूचना नहीं दी है। कंट्रोल रूम के हेल्थ मैनेजर ने भी नहीं बताया है। अपने स्तर से मामले को तहकीकात करवाएंगे।
सौ मीटर पर एसकेएमसीएच ओपी, इमरजेंसी मे रहते आधा दर्जन गार्ड
इमरजेंसी वार्ड से सौ मीटर की दूरी पर एसकेएमसीएच ओपी है। इमरजेंसी वार्ड में प्रत्येक शिफ्ट में आधा दर्जन गार्ड तैनात रहते है। फिर भी यहां इलाज को पहुंचे मरीजों को जबरन उठाकर निजी अस्पताल ले जाने का मामला सामने आ रहा है।
मरीज के स्वजन कहते है कि अगर वह विरोध करें तो मरीज का इलाज तो दूर वह खुद इलाज को भर्ती हो जाएंगे। निजी गार्ड कहते है कि उनसे भी सभी भिड़ जाते हैं। बिचौलिया की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे है।

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