मधुबनी, जेएनएन। जिले के आधा दर्जन युवक अरब देश कतर में फंस गए हैं। वहां की कंपनी में नौकरी देने के बहाने दो-दो लाख रुपये देकर भेजा गया। मगर, जिस कंपनी के नामपर भेजा, वह फर्जी निकली। अब इन युवकों की हालत खराब हैं। परिजनों ने कर्ज लेकर उन्हें राशि भेजी। लेकिन, इन युवकों को भूखों मरने की नौबत है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने युवकों को कतर भेजने वाले अब्दुल्ला को गिरफ्तार कर लिया है।

पहले पासपोर्ट बनवाया

परिजनों ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले लौकहा के छह युवक मो. ग्यासुद्दीन, महफूज आलम, मो. जियाउल्लाह, मो. एजाज, शेर मोहम्मद तथा विपिन कुमार आदि से पहले पासपोर्ट बनवाया गया। इसके बाद अब्दुल्ला ने दो लाख की दर से रुपये लिए।

 सभी को एक कंपनी में अच्छी तनख्वाह पर काम करने की बात कहकर कतर भेजा। फ्लाइट से कतर भी भेज दिया। इसमें भी बड़ी राशि खर्च हुई। मगर, वहां जिस कंपनी के नाम पर भेजा गया, वह नहीं थी। लिहाजा, सभी युवक फंस गए। काम नहीं मिलने से भुखमरी की नौबत आ गई। घरवालों ने कर्ज लेकर उन्हें रुपये भेजे। जब अब्दुल्ला को खोजा तो वह लापता हो गया। इसके बाद परिजनों ने लौकहा थाने में शिकायत दर्ज कराई। तब पुलिस ने छापेमारी कर अब्दुल्ला को गिरफ्तार कर लिया।

सीमावर्ती इलाके में था सक्रिय 

फर्जी कंपनियों के नाम पर बेरोजगारों को नौकरी का प्रलोभन देकर अब्दुल्ला ठगी का धंधा करता था। लौकहा और आसपास के भारतीय व नेपाली सीमावर्ती क्षेत्र में वह सक्रिय था। उसके पास नेपाली पासपोर्ट भी है। वह कतर में काफी वक्त गुजार कर लौटा था। इसके बाद युवकों को गुमराह करता रहा। वह सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों के कई बेरोजगारों को जाल में फंसाकर अरब देश भेज चुका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

Posted By: Ajit Kumar

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