मधुबनी, जासं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए जासूसी करने के आरोप में अमृतसर में बुधवार को पकड़ा गया मो. शमशाद (26) जिले के मधेपुर प्रखंड के भेजा थाना क्षेत्र के भेजा गांव का निवासी है। वह रमजान से कुछ दिन पहले घर आया था। रमजान शुरू होने के पांच दिन बाद वापस अमृतसर चला गया था। वह वहीं फुटपाथ पर पानी का ठेला लगाता था। उसकी गिरफ्तारी से घरवाले अवाक हैं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि शमशाद इस तरह का काम कर सकता है।

पिता एनुल हक उर्फ छोटका मियां ने बताया कि उसके दो बेटों में शमशाद छोटा है। पहले उनका पूरा परिवार अमृतसर में ही रहता था। वर्ष 2010 में माता-पिता गांव आ गए। शमशाद अमृतसर में ही रह गया। वह वहां अजनाला रोड, मीरा कोर्ट चौक पर स्टेशन गेट के पास फुटपाथ पर पानी का ठेला लगाता था। बड़ा भाई मो. सद्दाम काम के लिए मुंबई चला गया।

पढ़ा-लिखा नहीं है शमशाद 

तरबूज की दुकान और पाल्ट्री फार्म चलाने वाले पिता ने बताया कि शमशाद पढ़ा-लिखा नहीं है। किसी तरह अपना नाम लिख लेता है। 27 अगस्त, 2018 को उसकी शादी दरभंगा जिले में हुई। उसे एक लड़का व एक लड़की है। पत्नी और बच्चे घर पर ही माता-पिता के साथ रहते हैं। वह अमृतसर में अकेला ही रहता था। पिता ने बताया कि रमजान से पहले वह घर आया था। करीब 15-20 दिन रहकर पांच रोजा के बाद अमृतसर लौट गया था। माता-पिता ने कहा कि बेटा किसी गलतफहमी का शिकार हो गया। पत्नी ने बताया कि बुधवार की रात फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया तो बात नहीं हो सकी। पड़ोस में फोन करने पर गिरफ्तारी का पता चला। इसके बाद बड़ा भाई मुंबई से अमृतसर रवाना हो गया। भेजा गांव में शमशाद का दो मंजिला मकान निर्माणाधीन है।

यह है मामला 

गौरतलब है कि आइएसआइ के लिए काम करने वाले दो जासूसों को स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल (एसएसओसी) ने बुधवार की शाम अमृतसर रेलवे स्टेशन के बाहर से गिरफ्तार किया। इसमें कोलकाता के जफर रियाज के साथ शमशाद भी शामिल है। आरोपितों के कब्जे से सेना क्षेत्र के नक्शे और कई अन्य जानकारियां मिली हैं।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh