मोतिहारी/ मुजफ्फरपुर, जाटी। केंद्रीय कारा में बंद मुंबई के ड्रग्स तस्करों को तकनीकी कारणों से नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड (एनसीबी) की टीम रिमांड पर नहीं ले सकी है। इस कारण मुंबई से आए ड्रग्स कंट्रोल बोर्ड (एनसीबी) के अधिकारियों को बैरंग लौट जाना पड़ा। रिमांड के लिए आठ अक्टूबर को आई टीम का अबतक सत्यापन नहीं पाया है, इस कारण मोतिहारी केंद्रीय कारा में बंद ड्रग्स तस्कर मुंबई मलाड़ निवासी विजय वंशी यादव व शेख उस्मान को रिमांड पर लेने का मामला लटक गया है। इन दोनों तस्करों में एक विजय वंशी यादव एनसीबी द्वारा मुंबई में ढाई किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किए गए अजय वंशी प्रसाद यादव का सहोदर भाई है। अजय पर मुंबई के कांदीवली थाने में कांड संख्या- 52/21 दर्ज है।

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अजय ने ही पूछताछ में अपने भाई ड्रग्स सप्लायर विजय के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद एनसीबी की टीम अवर निरीक्षक अशोक राव राजाराम भोंसले के नेतृत्व में विजय को रिमांड पर लेने आठ अक्टूबर को यहां आई थी। विजय पर जिले के चकिया व मुजफ्फरपुर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज है। रिमांड की अर्जी देने के बाद इसके सत्यापन के लिए यहां से 12 अक्टूबर को ही एनसीबी और उस जिले के एसपी को पत्र भेजा गया, जिसका अबतक कोई जवाब नहीं मिल सका। लिहाजा, रिमांड की कार्रवाई अबतक पूरी नहीं हो सकी। इस बीच पूर्वी चम्पारण के पुलिस अधीक्षक नवीनचंद्र झा ने मोतिहारी के ड्रग्‍स तस्‍करों के आर्यन खान के मामले से जुड़े होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जेल में बंद ड्रग्स तस्करों को किसी दूसरे मामले में एनसीबी रिमांड पर लेने आई थी, जो तकनीकी कारणों से संभव नहीं हो सका। इसके बाद एनसीबी की टीम को बैरंग लौट जाना पड़ा। गौरतलब हो कि पिछले दिनों मुंबई से भाग कर आए कुछ ड्रग्स तस्करों को मुजफ्फरपुर तथा उसके कुछ साथियों को चकिया के टोल प्लाजा पर गिरफ्तार किया गया। चकिया टोल प्लाजा पर विजय वंशी यादव व शेख उस्मान को गिरफ्तार किया गया।

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मुजफ्फरपुर जेल में बंद हैं इससे जुड़े तस्कर

इधर, एनसीबी ने मुजफ्फरपुर पुलिस से भी संपर्क किया है। नगर थाने की पुलिस ने गत साल सितंबर में सरैयागंज टावर के समीप छापेमारी कर चरस के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ व उसकी निशानदेही पर गोलाबांध रोड स्थित एक तीन मंजिला मकान से पांच और तस्करों को पकड़ा गया था। इनकी पहचान नेपाल के ललितपुर का सात्विक खकटा, प्रकाश शर्मा, संजय विश्वकर्मा और कटरा के पहसौल निवासी वासो कुमार, गौरव कुमार व रूपेश शर्मा के रूप में हुई थी। इन सभी के पूछताछ के बाद मोतिहारी में पकड़े गए मुंबई के दोनों ड्रग्स तस्करों से जुड़े होने की बात बताई थी। वे कार से चरस दिल्ली ले जा रहे थे। ये सभी खुदीराम बोस केंद्रीय कारा, मुजफ्फरपुर में बंद हैं। पुलिस चार्जशीट दायर कर चुकी है। चकिया थाने के अवर निरीक्षक और मुंबई के दोनों तस्करों की गिरफ्तारी के मामले को देख रहे संदीप कुमार का कहना है कि एनसीबी की टीम ने यहां आकर उनसे संपर्क किया और आवश्यक जानकारी ली है। जेल अधीक्षक बिद्दू कुमार भी टीम के आने की बात कहते हैं।

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Edited By: Ajit Kumar