मुजफ्फरपुर [गोपाल तिवारी]। कांटी थर्मल पावर स्टेशन 620 मेगावाट बिजली उत्पादन कर देश के टॉप 20 थर्मल पावर स्टेशनों में शामिल हो गया है। हालांकि इसके और क्षमता विस्तार के लिए चिमनी की ऊंचाई को बढ़ाने की आवश्यकता है, लेकिन पर्यावरण विभाग से इसकी अनुमति नहीं मिल रही। 

अनुमति मिल जाए तो यहां 500 मेगावाट क्षमता वाली की दो यूनिटें लगाई जा सकती हैं। इसके लिए 275 मीटर की चिमनी लगानी होगी। अभी 165 और 195 मीटर की चिमनी से चार यूनिटों में बिजली उत्पादन हो रहा है। 

2008 के पहले स्थिति यह थी कि 100 मेगावाट या उससे थोड़ा अधिक बिजली उत्पादन होने को ही पर्याप्त उपलब्धि मान लिया जाता था। अब यह क्षमता 620 मेगावाट पर जा पहुंची है। एनटीपीसी ने इस कार्य को संभव कर दिखाया है। कांटी थर्मल पावर स्टेशन से स्थानीय सप्लाई बचने के बाद अब बिजली पश्चिमी बंगाल, ओडिशा व उत्तर-पूर्व के राज्यों को भी भेजी जा रही है।

  चिमनी की ऊंचाई क्षमता विस्तार संबंधी सवाल के जवाब में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि  पताही हवाई अड्डा को ध्यान में रखकर कांटी थर्मल पावर के चिमनी की ऊंचाई नहीं बढ़ाई जा सकती। इसके लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से आदेश प्राप्त करना होगा। हवाई जहाजों की लैंडिंग और टेकऑफ में इससे परेशानी होगी। 

  इस बारे में एनटीपीसी एचआर सहायक महाप्रबंधक विनय कुमार शर्मा ने कहा कि 'बिजली उत्पादन बढ़ाने के  लिए चिमनी की क्षमता को बढ़ाना होगा। लेकिन पॉल्यूशन विभाग, पताही हवाई अड्डा पर खतरा बताकर क्षमता विस्तार की अनुमति नहीं दे रहा। उच्चस्तरीय पहल पर ही निराकरण संभव है।Ó

Posted By: Ajit Kumar

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