समस्तीपुर। दिल्ली के समीप स्थित गाजियाबाद के डासना देवी शिव मंदिर में कट्टपंथियों द्वारा किए गए हमले में पटोरी का संत स्वामी नरेशानंद बुरी तरह जख्मी हो गया। उसकी चिकित्सा यशोदा नर्सिंग होम गाजियाबाद में कराई जा रही है। शाहपुर उंडी निवासी स्व.रामचंद्र सिंह के पुत्र राम नरेश सिंह उर्फ स्वामी नरेशानंद दिल्ली के जंतर मंतर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा थे। रास्ते में वह गाजियाबाद स्थित डासना मंदिर में विश्राम के लिए अन्य साथियों के साथ रुके। कड़ी सुरक्षा के बावजूद किया गया हमला

मंगलवार की अहले सुबह साढ़े तीन बजे कट्टपंथियों ने मंदिर के चहारदीवारी को फांदकर कड़ी सुरक्षा के बावजूद हमला कर दिया। कट्टरपंथियों ने पेपर कटर और ब्लेड के द्वारा सोई हुई अवस्था में नरेशानंद पर हमला बोल दिया। ज्ञात हो कि मंदिर में कड़ी चौकसी की व्यवस्था पहले से की गई थी और इसके बावजूद हमलावर घटना को अंजाम देकर चहारदीवारी फांद कर फरार हो गए। नरसिंहा नंद की हत्या के लिए आए थे जेहादी

इधर, उस मंदिर के संत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने बताया कि हमलावर उनकी हत्या करने आए थे कितु गलतफहमी में नरेशानंद को बुरी तरह जख्मी कर दिया। जेहादियों का पीछा भी किया और पुलिस को जगाया

उस समय सारे संत सोए हुए थे। बाद में स्वामी नरेशानंद ने कट्टपंथियों का पीछा भी किया और इसकी सूचना मंदिर परिसर में मौजूद पुलिस बल को दी। प्राथमिक उपचार के बाद नरेशानंद को यशोदा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। ज्ञात हो कि सोमवार को कई साधु और संत उस मंदिर में टिके हुए थे, जिन्हें मंगलवार को दिल्ली में आयोजित होने वाले अश्विनी उपाध्याय के कार्यक्रम में शामिल होना था। इधर, यति नरसिंहानंद सरस्वती ने बताया कि हमलावर उनकी हत्या की साजिश से आए थे। ज्ञात हो कि पहले से ही कई विवादित बयान देने के कारण नरसिंहानंद सुर्खियों में बने हुए थे। उन्हें कई बार धमकी भी दी गई थी और मंदिर में विशेष रूप से सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगा दिए गए थे और लगभग 22 पुलिसकर्मी वहां तैनात किए थे। इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद कट्टपंथी मंदिर में घुसकर हमलावर के रूप में घटना को अंजाम दिया। घटना की खबर सुनकर बूढ़ी मां है बदहवास

इधर घटना की खबर मंगलवार की देर शाम पहुंचते ही राम नरेश के घर कोहराम मच गया। उसके दो भाई तथा बूढ़ी मां देवकली देवी कर रो- रो कर बुरा हाल है। लोगों ने मोबाइल पर संपर्क किया है तथा गाजियाबाद रवाना होने की तैयारी भी कर रहे हैं। शादी नहीं की और करने लगे धर्म का प्रचार

ज्ञात हो कि स्वामी नरेशानंद शाहपुर उंडी के निवासी हैं। कम उम्र में उनके पिताजी नहीं रहे। बाद में स्वामी नरेशानंद ने धर्म प्रचार के लिए अपने आप को समर्पित कर दिया। उसने शादी भी नहीं की और देश के विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर धर्म के प्रचार करते थे और स्वामी विवेकानंद के विचारों से लोगों को अवगत कराते थे। लगभग एक वर्ष पूर्व वह पटोरी से गया था और पटोरी आना-जाना बराबर लगा रहता था। कितु पिछले कुछ माह से वह नहीं आया था। घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग

इधर कट्टपंथियों के इस हमले की निदा विश्व हिन्दू परिषद और भाजपा के लोगों ने की है। भाजपा नेता रामभवन चौधरी, डॉ. मनोज ठाकुर, मनोरंजन मोदीन, मनोज मांझी, अमित कुमार मांझी आदि ने घटना की निदा करते हुए इसके उच्चस्तरीय जांच की मांग सरकार से की है।

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