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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Samastipur News: सरकारी विद्यालयों में अब प्रधानमंत्री पोषण के नाम से एमडीएम का होगा संचालन

By Dharmendra Kumar SinghEdited By:
Published: Tue, 30 Nov 2021 11:12 AM (GMT+05:30)

Samastipur News शिक्षा विभाग ने एमडीएम के लिए वित्तीय लेनदेन की पूरी प्रक्रिया को बनाई पारदर्शी कोरोना काल से स्कूलों ...और पढ़ें

सरकारी विद्यालयों में अब प्रधानमंत्री पोषण के नाम से एमडीएम का होगा संचालन
सरकारी विद्यालयों में अब प्रधानमंत्री पोषण के नाम से एमडीएम का होगा संचालन

समस्तीपुर, जासं। जिले के सरकारी विद्यालयों में एमडीएम का संचालन अब नए रूप में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण के रूप में होगा। इसमें वित्तीय लेनदेन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी। इसके संचालन में स्कूल की ओर से वित्तीय लेनदेन पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम के तहत होगी । इसमें एमडीएम के उपयोग में आने वाले किसी भी वस्तु की खरीदारी का भुगतान आनलाइन होगा । कोरोना काल से स्कूलों में वर्ष 2020 के मार्च से बंद एमडीएम के नए सिरे से संचालन को लेकर एमडीएम निदेशालय पटना के निर्देश के आलोक में जिलास्तर पर तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। फिलहाल एमडीएम से जुड़े सभी बैंक खाता को पीएफएमएस से जोड़ने का काम चल रहा है।

जिलास्तर पर एमडीएम कार्यालय सहित सभी विद्यालयों का बैंक खाता नए सिरे से एचडीएफसी बैंक में खोला गया है। बैंक खाता खोलने के लिए पूर्व में प्रखंड स्तर पर बीआरसी में शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें बैंक के सहयोग से सभी विद्यालयों का खाता खोला गया । प्रधानमंत्री पोषण योजना का विद्यालय स्तर पर संचालन को लेकर सभी प्रधानाध्यापक को इसका प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है । विभाग विद्यालय स्तर पर इसके संचालन की पूरी तैयारी को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रही है, ताकि इसके संचालन का आदेश मिलते ही इसे शुरू किया जा सके।

चावल और राशि का किया जा रहा भुगतान 

विद्यालयों में कोरोना के कारण 15 मार्च 2020 से ही एमडीएम का संचालन बंद है। फिलहाल विद्यार्थी को चावल एवं राशि दिया जा रहा है । कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थी को सौ ग्राम के हिसाब से चावल और प्रति विद्यार्थी चार रुपये 97 पैसे का भुगतान उसके बैंक खाते में किया जा रहा है । इसी तरह कक्षा छह से आठ के लिए 150 ग्राम चावल और सात रुपये 45 पैसे के हिसाब से राशि दी जाती है।