मुजफ्फरपुर : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने जेट स्पीड के साथ मैट्रिक और इंटर परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया था, लेकिन अब अगली कक्षा में नामांकन के लिए इन विद्यार्थियों को व्यवस्था की घोंघा रफ्तार का सामना करना पड़ रहा है। इससे छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों में बड़ी चिंता और निराशा की स्थिति है।

बता दें कि परीक्षा समाप्त होने के 30वें दिन इंटर और 37वें दिन मैट्रिक का परिणाम जारी कर दिया था। एक से 14 फरवरी तक इंटर और 17 से 22 तक मैट्रिक की परीक्षा हुई थी। इसके बाद 16 मार्च को इंटर और 31 को मैट्रिक का परिणाम जारी किया गया था। इसके बाद से विद्यार्थी अगली कक्षाओं में नामांकन और प्रमाणपत्रों के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं।

जिले में मैट्रिक में 73,144 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें 60 हजार से अधिक उत्तीर्ण हुए। इनको अबतक इंटर में नामांकन के लिए प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है। मैट्रिक उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं का कहना है कि अबतक स्कूलों में अंकपत्र और प्रोविजनल प्रमाणपत्र भी नहीं भेजा गया है। वहीं, इंटर की परीक्षा का परिणाम जारी किए दो महीने बीत गए हैं। इसका भी अंकपत्र और प्रोविजनल प्रमाणपत्र स्कूल, कालेजों को नहीं भेजा गया है। इसमें 65 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे।

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय समेत अन्य विश्वविद्यालयों में स्नातक में नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन के समय आनलाइन जारी अंकपत्र से विद्यार्थियों का काम चल गया है, लेकिन नामांकन के समय मूल अंकपत्र व प्रोविजनल प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।

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