मुजफ्फरपुर, जेएनएन। शहरवासियों को ध्वनि एवं वायु प्रदूषण से निजात दिलाने की जिम्मेवारी नगर निगम पर होगी। निगम पर रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने और प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई का जिम्मा होगा। स्कूल-कॉलेज, अस्पताल जिस इलाके में होगा उसे शांत क्षेत्र घोषित कर वहां इसका बोर्ड लगाया जाएगा। दिन में भी वहां किसी प्रकार की ध्वनि फैलाने की अनुमति नहीं होगी। अनदेखी पर कार्रवाई होगी।

इस आशय का निर्देश नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव ने सभी शहरी निकायों को जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि पर्व-त्योहार एवं अन्य अवसरों पर लाउडस्पीकर के उपयोग एवं पटाखा आदि छोडऩे के कारण ध्वनि तथा वायु प्रदूषण बढ़ गया है। कानूनन रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाने पर रोक है, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो पा रहा है। पत्र में कहां गया है कि बिहार नगरपालिका अधिनियम की धारा 248 एवं 249 के तहत शहरी क्षेत्र में प्रदूषण स्तर के अनुश्रवण तथा नियंत्रण संबंधी जिम्मेवारी नगर निकायों की है।

 पत्र में वाहनों में उच्च तीव्रता के मल्टी टोंड हॉर्न का उपयोग प्रतिबंधित करने तथा शोर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से घोषित शांत क्षेत्रों में शांत क्षेत्र का बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया है। शांत क्षेत्र में लाउडस्पीकर, लोक संबोधन प्रणाली या कोई शोर उत्पन्न करने वाले वाद्य यंत्र तथा भोंपू निर्माण मशीन का उपयोग एवं पटाखों का फोड़ा जाना दिन में भी वर्जित होगा।  

Posted By: Ajit Kumar

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