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Submission on Agricultural Mechanization : निराश करने वाली है मुजफ्फरपुर की रिपोर्ट, जानें स्थिति Muzaffarpur News

Submission on Agricultural Mechanization बैंक खाते में ढाई करोड़ की राशि पड़ी बावजूद तीन आवेदन ही स्वीकृत । किसी को भी नहीं मिला अनुदान।

By Ajit KumarEdited By: Published: Tue, 15 Oct 2019 09:41 AM (IST)Updated: Tue, 15 Oct 2019 09:41 AM (IST)
Submission on Agricultural Mechanization : निराश करने वाली है मुजफ्फरपुर की रिपोर्ट, जानें स्थिति Muzaffarpur News
Submission on Agricultural Mechanization : निराश करने वाली है मुजफ्फरपुर की रिपोर्ट, जानें स्थिति Muzaffarpur News

मुजफ्फरपुर, जेएनएन। किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की सबमिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन (स्माम) योजना के तहत जिले को वित्तीय वर्ष 2017-18 में ढाई करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। लेकिन एक साल से अधिक गुजरने के बाद भी योजना में प्राप्त आवेदनों की संख्या दहाई अंक में भी नहीं पहुंची और न ही बैंक से एक भी आवेदन पर भुगतान हो सका है। नतीजा सरकार ने योजना को बंद कर दिया है।

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आकांक्षी योजना में हुआ था चयन

सरकार ने आकांक्षी योजना के तहत राज्य के सात जिलों का चयन किया था। इसमें प्रमंडल के दो जिले मुजफ्फरपुर व सीतामढ़ी भी शामिल हैं। यह योजना वर्ष 2016 - 17 में शुरू हुई थी। योजना के तहत दोनों जिलों को राशि विलंब से वर्ष 2017 - 18 में आवंटित की गई थी। जिले के 25 गांवों में कृषि यंत्रों की खरीद होनी थी।

अनुदान का फीसद

योजना के तहत 10 लाख रुपये कीमत के यंत्रों की खरीद पर 80 फीसद तक अनुदान का प्रावधान है।

वहीं 10 से 40 लाख तक की लागत पर अनुदान 40 फीसद तक है।

गरीब किसानों को कृषि यंत्रों की हो उपलब्धता

गांवों में रहने वाले लघु एवं सीमांत किसानों की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए कृषि यंत्रों की खरीद में अधिकतम 80 फीसद तक के अनुदान का प्रावधान किया गया। ताकि, वे बेहतर ढंग से खेती कर सकें। इसके लिए समिति बनाकर या व्यक्तिगत स्तर पर भी यंत्र खरीद सकते हैं।

योजना के क्रियान्वयन पर सवाल

आंकड़े बताते हैं कि जिला कृषि विभाग योजना को लेकर गंभीर नहीं रहा। पहले चरण में 10 लाख रुपये तक की यंत्र खरीद में वित्तीय लक्ष्य 78.89 लाख रुपये था। जिले में मात्र दो आवेदन आए जिनमें एक स्वीकृत हुआ।

10 लाख से अधिक 40 लाख तक का अनुदान देने का वित्तीय लक्ष्य लगभग 17 लाख रुपये था। जिसमें तीन आवेदन आए और दो स्वीकृत हुए।

हाईटेक हब अनुदान पर 40 फीसद तक के अनुदान के आवेदन का वित्तीय लक्ष्य 37 लाख रुपये था। इस मद में जिले के किसी किसान ने आवेदन नहीं दिया।

सीतामढ़ी में शून्य की स्थिति नहीं दिखी

सीतामढ़ी में शून्य की स्थिति नहीं रही है। जिले में 32 आवेदनों पर बैंक से किसानों को 43.52 लाख रुपये अनुदान की प्राप्ति हुई।इस बारे में तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. सुरेंद्रनाथ ने कहा कि स्माम योजना में जिले की स्थिति गंभीर है। जिला कृषि पदाधिकारी से इस संबंध में जवाब तलब किया गया है। 


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