मुजफ्फरपुर में सुधा डेरी से फरदो तक 2.4 किमी की बनेगी ड्रेनेज पाइप लाइन
मुजफ्फरपुर की सुधा डेरी से निकलने वाले केमिकल युक्त दूषित पानी के निस्तारण के लिए 2.4 किमी लंबी ड्रेनेज पाइपलाइन ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
सुधा डेरी से फरदो तक 2.4 किमी ड्रेनेज पाइपलाइन बनेगी।
दूषित पानी से 40 एकड़ खेत, 1100 लीची पेड़ बर्बाद।
रेलवे, एनएचएआइ, जिला प्रशासन की भूमि का होगा उपयोग।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । कांटी प्रखंड के सदातपुर स्थित सुधा डेरी से निकलने वाले केमिकल युक्त और दूषित पानी के निस्तारण का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके लिए डेरी से फरदो तक 2.4 किमी लंबी ड्रेनेज पाइपलाइन बनाई जाएगी।
तिरहुत दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (तिमुल) के प्रबंधक निदेशक फूल झा ने तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह को प्रस्ताव भेजा है। सर्वे के बाद तैयार प्रस्ताव में इसका रूट भी तय किया गया है।
इसके लिए रेलवे, एनएचएआइ और जिला प्रशासन की जमीन का भी उपयोग होगा। प्रबंध निदेशक ने ड्रेनेज निर्माण के लिए उक्त विभागों से मदद का आग्रह भी किया है।
विदित हो कि सुधा डेरी प्लांट से निकलने वाले दूषित पानी से परेशान स्थानीय लोगों और प्रभावित किसानों का मामला बिहार विधानसभा अध्यक्ष डा. प्रेम कुमार तक विधायक अजित कुमार ने पहुंचाया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने आयुक्त को मामले का निदान निकालने को कहा।
आयुक्त ने बैठक कर दो कमेटियों का गठन किया। साथ ही जल निकासी के लिए जरूरी संरचनाओं का निर्माण करने को कहा था। इसके बाद तिमुल ने सर्वे कराया। डेरी से फरदो तक नाला निर्माण की कुल दूरी लगभग 2.4 किमी पाई गई।
यह मार्ग एनएच से सटे क्षेत्र से होकर गुजरता है तथा मार्ग में एम/एस एल शिव ट्रेडर्स, दुर्गा ट्रेवल्स, सदातपुर, अनमोल इंटरप्राइजेज, अली अहमद चौक एवं आलम जेनरल स्टोर के समीप से होकर पाइपलाइन प्रस्तावित है। इसका मार्ग यह तय किया गया है।
- डेरी के समीप स्थित एनएचएआइ पुल के अंत से, पुल के दक्षिण दिशा की ओर से एनएचएआइ के रोड के नीचे के बने कल्वट से ड्रेनेज पाइप ले जाने का कार्य किया जाएगा।
- इसके बाद दक्षिण दिशा में पूर्व से एनएचएआइ का निर्मित पक्का नाला के समीप से ड्रेनेज लाइन का निर्माण रेलवे क्रॉसिंग से लगभग 100 मीटर आगे तक किया जाएगा।
- रेलवे क्रासिंग से लगभग 100 मीटर पूर्व रेलवे विभाग द्वारा निर्मित एक अंडरपास उपलब्ध है। इसके माध्यम से पाइपलाइन को रेलवे ट्रैक के दूसरी ओर ले जाया जाएगा।
- रेलवे ट्रैक पार करने के उपरांत रेलवे विभाग की भूमि से होते हुए मुख्य सड़क तक पाइपलाइन ले जाई जाएगी।
- मुख्य सड़क से आगे जिला प्रशासन की भूमि पर फरदो नाला तक ड्रेनेज का निर्माण किया जाएगा। यहां अंततः जल का निस्सरण होगा।
दूषित पानी से यह हो रहा नुकसान
- डेरी के केमिकल युक्त और दूषित पानी के कारण लगभग 40 एकड़ कृषि भूमि और 1100 से अधिक लीची के पेड़ बर्बाद हो गए हैं।
- बदबू और प्रदूषण से स्थानीय लोग परेशान। इससे कई तरह की बीमारी भी पैदा होती
