मुजफ्फरपुर, जेएनएन। बागमती, गंडक और बूढ़ी गंडक समेत नदियों के जलस्तर में लगातार जारी गिरावट के बावजूद  जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बूढ़ी गंडक नदी में कई स्थानों पर कटाव जारी है।  इससे लोग दहशत में हैं। वहीं हाइवे, स्टेशन, बांध और ऊंचे स्थल पर पनाह लिए हुए हैं। अबतक, जिले की 14 प्रखंडों की 14 लाख से अधिक की आबादी बाढ़ से प्रभावित हैं।

बाढ़ का पानी लगातार नए क्षेत्र में फैल रहा है। बाढ़ का पानी सरैया, कांटी, सकरा और मुशहरी के इलाकों में फ़ैल रहा है। ढोली- समस्तीपुर के बीच कोइली रेल पुल और एनएच 28 पर पानी का दबाव बना हुआ है। वहीं झपहां के इलाकों में पानी फैलने से एनएच 77 पर भी दबाव बना हुआ है। बाढ़ का पानी आखाड़ा घाट और रेवा घाट पुल के काफी करीब पहुंच गया है।

जबकि, बाढ़ के चलते कटरा, पारू, मुरौल, सकरा, सरैया, मुशहरी, मीनापुर, मोतीपुर व कांटी के इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। डीपीआरओ कमल सिंह ने बताया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासनिक टीम पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है। उधर, बूढ़ी गंडक के जलस्तर में 0.4 सेमी की मामूली कमी आई है।  अब भी यह नदी खतरे के निशान से 0.95 मीटर ऊपर बह रही हैं। इसके अलावा बागमती, गंडक और लखनदेई नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

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