मुजफ्फरपुर (जेएनएन)। सरकारी योजनाओं में पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा अवैध वसूली का मामला जिले में जारी है। नया मामला मुशहरी की बड़ा जगन्नाथ पंचायत का है। यहां वार्ड तीन में शौचालय के लिए लाभुकों से दो-दो हजार रुपये वसूले गए। यह वसूली वार्ड सदस्य के पति जावेद उर्फ विक्कू द्वारा की गई। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद डीएम मो. सोहैल ने डीडीसी उज्ज्वल कुमार सिंह को वार्ड सदस्य के पति के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।

मालूम हो कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान व स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को ओडीएफ घोषित कराने के लिए घर-घर शौचालय निर्माण का कार्य चल रहा। इसमें लाभुक को शौचालय निर्माण के बाद योजना की राशि दी जाती है। बड़ा जगन्नाथ पंचायत के वार्ड तीन में योजना का लाभ देने के लिए दो-दो हजार रुपये वसूली की शिकायत सामने आई। डीएम ने मुशहरी के बीडीओ व जिला कल्याण पदाधिकारी से मामले की जांच कराई। इसमें कई लाभुकों के बयान लिए गए। इसके बाद रिपोर्ट तैयार की गई। डीएम को दी गई रिपोर्ट में कहा गया कि जावेद ने लाभुकों से शौचालय निर्माण की राशि के भुगतान के एवज में दो-दो हजार रुपये की वसूली की। रिपोर्ट के बाद डीएम ने जावेद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है।

    जिले के करीब पांच लाख घरों में अभियान के तहत शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा। जिन घरों में शौचालय का निर्माण कराया जा रहा, वे गरीब परिवार हैं। योजना में निर्माण राशि के भुगतान के लिए पहले शौचालय बनाना जरूरी है। राशि नहीं होने के कारण पंचायतों में शौचालय निर्माण का 'ठेका' कई साहूकारों व भवन निर्माण से जुड़े लोगों को मिल गया। पंचायत प्रतिनिधियों से इन्होंने अपनी शर्तों पर शौचालयों का निर्माण कराया। इस कारण गुणवत्ता से भी समझौता किया गया। इतना ही नहीं शौचालय निर्माण के बाद सरकार से मिले दस हजार रुपये में इनकी हिस्सेदारी भी तय की गई। अगर मामले की विस्तृत जांच कराई जाए तो बड़ा घपला सामने आ सकता है। 

Posted By: Ajit Kumar