पूसा (समस्तीपुर), संस। डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के कर्मी व छात्रों की रात दहशत में कटी। गोलियों की आवाज से सभी रात भर सहमे रहे। रविवार की सुबह पूरा विश्वविद्यालय परिसर पुलिस बल से भरा मिला। प्रशासनिक अल्टीमेटम के बाद अधिकांश विद्यार्थी हास्टल खाली कर चले गए। रविवार की दोपहर मृत छात्र अखिल के माता-पिता व भाई समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम बाद के शव को स्वजन को सौंप दिया गया। 

विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगले आदेश तक के लिए शैक्षणिक गतिविधियों को बंद कर दिया है। आदेश के बाद हास्टल खाली कर अधिकांश छात्र-छात्राएं अपने घर चले गए। दूसरे राज्यों के छात्रों को जाने में समस्या आ रही थी। छात्रावास खाली करने का निर्देश तिरहुत कृषि महाविद्यालय ढोली एवं पिपराकोठी के छात्रों पर भी लागू किया गया है। 21 दिनों के लिए शैक्षणिक पठन-पाठन को बंद कर दिया गया है।

विश्वविद्यालय मेें जगह-जगह लगे क्लोज सर्किट कैमरे के फुटेज को खंगाला जा रहा है। इसी के आधार पर पुलिस उपद्रवियों की तलाश में जुट गई है। कुलपति बताते हैं कि कई उपद्रवी अपने-अपने थैले में भरकर पत्थर लाए थे। कई हाथ में केरोसिन भी था। उन्होंने इसे एक साजिश करार दिया है।

छह से अधिक छात्र जख्मी

लाठीचार्ज में आधा दर्जन से अधिक छात्र भी जख्मी हो गए। जख्मी छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के डर से बाहर इलाज करा रहे हैं। छात्रों ने बताया कि पुलिस की गई कार्रवाई से वे आक्रोशित हो गए थे। सबसे पहले छात्रों का एक दल कुलपति आवास पर मदद मांगने गया था, लेकिन कहा गया कि कुलपति नहीं हैं। विश्वविद्यालय के अस्पताल में मौजूद कर्मचारी ने एंबुलेंस भेजने में आनाकानी की गई। इसी बात से छात्र और आक्रोशित हो गए।

बदहवास होकर जमीन पर बैठ गई मां

सड़क हादसे के शिकार अर्चना के तीसरे और सबसे छोटे पुत्र अखिल का शव देख मां बदहवास होकर जमीन पर बैठ गई। सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में स्ट्रेचर पर पड़े अखिल के शव को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बाहर निकाला गया। खून से लथपथ पुत्र के पार्थिव शरीर की एक झलक देखते ही पिता, मां और भाई फूट-फूट कर रोने लगे।

गेट परीक्षा पास हुआ था अखिल

अखिल काफी होनहार था। फाइनल सेमेस्टर की पढ़ाई करते हुए हाल ही में उसने गेट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। आल इंडिया में 445 वीं रैंक थी। साक्षात्कार में सफल हुआ था। अब बीएचयू में पढ़ाई के लिए मार्ग प्रशस्त हो गया था। एक माह बाद ही फाइनल ईयर की परीक्षा पूरी कर लेता। अखिल के पिता सुरेश गुप्ता मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। अखिल के बड़े भाई अजय गुप्ता ने बताया कि रविवार रात करीब 10 बजे दुघर्टना की सूचना मिली। इसके बाद वे लगातार कैंपस के छात्रों से मेाबाइल पर संपर्क स्थापित कर स्थिति मालूम करते रहे। रात करीब दो बजे उन्होंने जब कुलपति के मोबाइल पर फोन कर घटना की जानकारी लेने का प्रयास किया तो उठाने के बाद कहा कि यह सोने का टाइम है, मुझे डिस्टर्ब मत करो। कैंपस के छात्रों के द्वारा दी गई सूचना के बाद वे राजस्थान से पहुंचे।

 

Edited By: Ajit Kumar