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मुजफ्फरपुर। राहत के लिए बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा बुधवार को भड़क उठा। बड़ी संख्या में पीड़ितों ने कटौझा पुल को जाम कर दिया। सड़क पर बांस-बल्ले लगा दिए। टायर जला शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लगभग दो घंटे तक जाम लगा रहा। स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता के चलते जाम से छुटकारा मिला। मनुषमारा नदी के तांडव से मधुबन बेसी गांव जलमग्न होने से लोग नाराज हैं। बताया कि दो ग्रामीण सुभाष मांझी और जीमा मांझी को विषैले सर्प ने डंस लिया। सैकड़ों लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। उन्हें निकालने के लिए एक अदद नाव नहीं मिल रही। उधर, घनश्यामपुर, धरहरवा, नयागाव, भरथुआ में भी बाढ़ से लोग बेहाल हैं। बाढ़ पीड़ितों ने पंचायत समिति सदस्य ऋषिराज यादव के नेतृत्व में बुधवार को तीन बजे एनएच 77 पर कटौंझा चौक के समीप जाम कर दिया। इस बीच दो किलोमीटर की दूरी में लगभग पाच सौ छोटी-बड़ी गाड़ियों की कतारें लग गईं। बाढ़पीड़ित सुजीत सहनी, बबलू कुमार, रामबाबू राय, उमेश राय, हरिचरण राय, राजेश यादव, रामदरेश सहनी, राधेश्याम राय, कल्याणपुर, पंचायत समिति सदस्य नगीना देवी आदि का कहना था कि बाढ़ से सबकुछ तबाह हो गया है। गाव से निकलने के लिए कोई साधन नहीं है। चारों तरफ पानी है। कैसे घर से निकलें। नाव एवं अन्य राहत सामग्री की मांग बीडीओ अनसुना कर रहे हैं। लगभग साढ़े तीन बजे स्थानीय विधायक डॉ. सुरेंद्र कुमार द्वारा श्यामबाबू राय के माध्यम से फोन पर कहा गया कि आपलोगों की सभी मागें कल पूरी कर दी जाएंगी। तब जाकर लोग मानें और जाम छूटा।

Posted By: Jagran

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