मुजफ्फरपुर, जेएनएन। पुलिस व सीबीआइ के बाद बालिका गृह की पीडि़ताओं की 'चीखÓ विशेष अदालत के समक्ष पहुंची है। कोर्ट में लगाए गए स्क्रीन पर ब्रजेश के आते ही गुस्से में चीख पड़ती थी। नई दिल्ली के साकेत स्थित विशेष पॉक्सो कोर्ट में पीडि़ताओं दी गई गवाही ब्रजेश ठाकुर व अन्य के काले कारनामे से भरे पड़े हैं। ये आरोप उसकी क्रूरता की पूरी दास्तां है। इससे पहले पुलिस व सीबीआइ के समक्ष भी पीडि़ताओं ने इसी तरह के आरोप लगाए थे। आरोपितों की इसी गवाही के आधार पर विशेष कोर्ट ने प्रश्नावली तैयार कर आरोपितों को जबाव देने का आदेश दिया था। 

गुस्से से उबल जाती थी पीडि़ता

गवाही के दौरान पहचान के लिए कोर्ट के लगे स्क्रीन पर जैसे ही ब्रजेश ठाकुर को लाया जाता था। वैसे ही कई पीडि़ता गुस्से से उबल जाती थी और चीखने लगती थी। अन्य आरोपितों में जिला बाल सरंक्षण पदाधिकारी रवि रोशन,बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दिलीप कुमार वर्मा, सदस्य विकास कुमार, बालिका गृह की कर्मी इंदू कुमारी, मीनू कुमारी, किरण कुमारी, चंदा देवी, हेमा मसीह, नीलम, रामाशंकर सिंह उर्फ मास्टर साहेब उर्फ मास्टर जी, रामानुज ठाकुर उर्फ मामू व गुड्डू अन्य की पहचान ब्रजेश ठाकुर के सहयोगी व कुकर्मो में संलिप्त होने का आरोप लगाया है।

आरोपितों को बचाव में साक्ष्य पेश करने का मिला समय

गवाहों के गवाही के आधार पर की ओर से दिए गए प्रश्नावली के प्रश्नों का जबाव आरोपितों की ओर से साकेत के विशेष कोर्ट में दाखिल किया गया है। आरोपितों का बयान भी विशेष कोर्ट में दर्ज कराया गया है। विशेष कोर्ट ने सभी आरोपितों को बचाव में सफाई साक्ष्य पेश करने का आदेश दिया है। सफाई साक्ष्य पेश करने की प्रक्रिया 16 सितंबर से शुरू होगी।

 इस बरे में आरोपित डॉ.अश्विनी उर्फ आसमनी के अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने कहा कि 'बचाव पक्ष की ओर से 16 सितंबर को वे पहला गवाह पेश करेंगे। कोर्ट के समक्ष गवाह का नाम दिया गया है। सीबीआइ की ओर से भी उनके गवाह को गवाही के लिए कहा गया है।Ó  

Posted By: Ajit Kumar

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