सीतामढ़ी,परिहार {संजय कुमार सिंह}। एसएसबी की हिरासत में लक्ष्मण की मौत की घटना किसी के गले उतर नहीं रही। इस मामले में अब उसकी पत्नी पुनीता देवी ने भी हत्या की बात कही है। उसने बेला थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। लिहाजा, एसएसबी व पुलिस जिस लक्ष्मण की मौत को आत्महत्या करार दे रही है वह अब हत्या की घटना में तब्दील हो गया है।

बहरहाल, अब जांच एजेंसी को अब इस दृष्टिकोण से भी मामले की जांच करनी होगी। अगर यह आत्महत्या भी है, तब भी एसएसबी की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। हिरासत में किसी व्यक्ति की मौत होती है या उसने आत्महत्या की फिर भी कायदे से इसकी जवाबदेही हिरासत में लेनेवालों की होती है। आमलोग एसएसबी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे हैं। राजद की प्रदेश प्रवक्ता व सिंहवाहिनी पंचायत की पूर्व मुखिया रितु जायसवाल ने इसे यूपी मॉडल बताया है।

रितु ने कहा है कि शौचालय में कम ऊंचाई से कोई आत्महत्या कैसे कर सकता है? इंटरनेट मीडिया के माध्यम से रितु ने कहा है कि लक्ष्मण के परिवार में अब कोई कमाकर खिलाने वाला नहीं रहा। हिरासत में मौत के मामलों में सीतामढ़ी पुलिस हर बार नया किस्सा गढ़ लेती है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। भाजयुमो नेतृ व शम्सी कन्हवा बॉर्डर की रहनेवाली रजनी सिंह ने भी यहीं बात कही है। रितु जायसवाल ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, एसएसबी के डीजी तथा केंद्रीय गृहमंत्रालय से संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।

लापता पति को थाने से अस्पताल तक ढूंढती रही पुनीता तभी आया फोन

मृतक की पत्नी पुनीता ने प्राथमिकी में बताया है कि लक्ष्मण 24 जनवरी को कन्हमां शंकर चौक पर घर का सामान लाने निकला था। देर रात तक नहीं लौटने पर उसने जहां-तहां खोजबीन की। अगले दिन बेला थाने पहुंची। वहां भी कुछ पता नहीं चला। थाना से लौटने के क्रम में कन्हमां बाजार पर एसएसबी की एक गाड़ी दक्षिण दिशा की ओर जाती दिखी। उस गाड़ी में पुनीता को अपना पति सोए अवस्था में दिखा।

पुनीता के मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि वह एसएसबी कैंप से सरदार मनजीत सिंह बोल रहे हैं। तुम्हारे पति को इलाज के लिए परिहार ले जाया जा रहा है। पुनीता परिहार सीएचसी दौड़ पड़ी। चिकित्सकों ने बताया कि एसएसबी द्वारा यहां किसी मरीज को नहीं लाया गया है। यह सुनकर वह बदहवास कन्हमां पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि एसएसबी कैंप कन्हमां के जवानों ने बेरहमी से पीटकर तुम्हारे पति की हत्या कर दी है। और शव को एसएसबी कैंप गोरहारी में ही रखा है।

पुनीता का आरोप-उसको किसी ने 10 हजार रुपये देकर मुंह बंद रखने को कहा

पुनीता ने अपने बयान में यह भी बताया है कि पति की मौत की खबर सुनने के बाद वह कुछ ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ गोरहारी कैंप पहुंची। वहां पहुंचने पर एसएसबी के एक अधिकारी द्वारा एकांत में बुलाकर बंद लिफाफे में दस हजार रुपये दिए गए। रुपए देने वाले अधिकारी ने उससे कहा कि कहीं कुछ नहीं बोलना। मैं तुझे और आर्थिक मदद करूंगा।

सामान खरीदने बाजार निकले लक्ष्मण को एसएसबी ने शराब तस्करी के आरोप में पकड़ा

भारत-नेपाल सीमा पर परिहार के कन्हवां बॉर्डर पर एसएसबी जवानों ने दो व्यक्तियों को पकड़ने के लिए खदेड़ा, उनमें से एक फरार हो गया। एक कन्हवां निवासी लक्ष्मण राय पकड़ा गया। एसएसबी जवान उसको बेला के गोरहारी कैंप में लाकर पूछताछ शुरू की। उसके स्वजनों का आरोप है कि एसएसबी के जवानों की पिटाई से उसकी मौत हो गई। इसी बात को लेकर आसपास के काफी संख्या में लोग कैंप के पास आकर एसएसबी के विरुद्ध हंगामा करने लगे। एसएसबी ने तर्क दिया कि बाथरुम में फंदा लगाकर लक्ष्मण ने खुदकुशी कर ली। अन्य लोगों का सवाल है कि बाथरुम से किसी तरह की कोई रस्सी बरामद नहीं हुई। उसके बाद भी बाथरुम में कोई आत्महत्या कैसे कर सकता है।

कन्हवा गांव की रजनी सिंह का कहना है कि वह और उनका गांव लक्ष्मण की मौत से सदमें में हैं। किसी को यह बात गले नहीं उतर रही है कि उस जैसा इंसान आत्महत्या कर लेगा। एसएसबी के जवान अगर कह रहे हैं कि वह शराब की तस्करी करता था यह बात भी गांववालों के गले नहीं उतरती। अगर लक्ष्मण शराब के नशे में पकड़ा गया तो उसकी मेडिकल जांच क्यों नहीं करवाई गई और अगर उसके पास से शराब बरामद हुई तो एसएसबी जवानों ने उसको साबित क्यों नहीं किया। लक्ष्मण को तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। उसकी पत्नी के सिर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh