मुजफ्फरपुर : लॉकडाउन के पहले दिन से ही परिवहन सेवा पर बुरा प्रभाव पड़ना शुरू हो गया। सरकारी व निजी बसों से यात्रा करने वालों की संख्या नगण्य रही। यात्री नहीं मिलने से पांच फीसद से भी कम बसों का परिचालन हुआ। बैरिया बस पड़ाव व इमलीचट्टी स्थित बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के डिपो में सन्नाटा पसरा रहा। इन जगहों से 10 फीसद से भी कम यात्रियों को लेकर बसों का परिचालन हुआ। यात्रियों की कमी से कई रूटों पर बसों का परिचालन भी नहीं हुआ। बैरिया स्थित पड़ाव में काफी बसें खड़ी रहीं। यहीं स्थिति सरकारी बसों की भी रही। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सुमन प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है। ट्रेनों से आने वाले यात्री ही सफर कर रहे हैं। अधिकतर रूटों में एक तरफ से 10-12 यात्रियों का लेकर बसें जा रही हैं और वापसी में इक्के-दुक्के यात्री लेकर लौट रही हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की कमी से बसों की संख्या भी कम हो गई है। बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष उदय शंकर प्रसाद सिंह ने कहा कि लॉकडाउन ने एक बार फिर परिवहन सेवा को बड़ा नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। पूरे प्रदेश में पांच फीसद से भी कम बसों का परिचालन हुआ। ट्रांसपोटर्स एक बार फिर वित्तीय संकट झेलने को विवश हैं। बसों का परिचालन नहीं होने के बाद भी उन्हें रोड टैक्स, परमिट, इंश्योरेंस, चालक-खलासी की तनख्वाह देनी पड़ेगी। पिछले वर्ष के लॉकडाउन से हुई आर्थिक क्षति से ट्रांसपोटर्स अभी उबर भी नहीं पाए थे कि फिर से उनकी आर्थिक कमर टूटेगी।

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सड़कों से गायब रहे ऑटो

मुजफ्फरपुर : लॉकडाउन से सड़कों से ऑटो गायब रहे। चौक-चौराहों पर इक्के-दुक्के ही ऑटो चले। जुर्माने का डर व यात्री नहीं मिलने से सड़कों से ऑटो गायब रहे।