मुजफ्फरपुर, जेएनएन। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मुजफ्फरपुर पहुंचने पर विरोध किया गया। उनकी गाड़ी पर स्याही फेंकी गई। यात्रा में व्यवधान डालने की कोशिश के आरोप में पुलिस ने मौके से दो लोगों को पकड़ा है। दोनों का सत्यापन चल रहा है। उससे पूछताछ की। हालांकि इसे सीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक के तौर पर भी देखा जा रहा है। एक दिन पहले से ही जब सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद किए जाने का दावा किया जा रहा था तो फिर ऐसी चूक कैसे हुई ?

 बता दें, मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री के मंच पर आने से पहले यात्रा में गरीब जनक्रांति पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने व्यवधान डालने की कोशिश की। पुलिस ने इनमें से दो को खदेड़कर पकड़ लिया। उनकी पहचान शिवहर तरियानी राजाडीह के उमाशंकर कुमार एवं अहियापुर चकमोहब्बतपुर के अंकित कुमार के रूप में हुई है। अंकित वीडियो रिकॉर्डिंग का काम करता है। दोनों को सीएम के कार्यक्रम के दौरान नगर थाने पर रखा गया। एसएसपी मनोज कुमार ने शाम में नगर थाने पहुंचकर उनसे पूछताछ की। गजपा कार्यकर्ता उमाशंकर ने बताया कि एसकेएमसीएच में साफ-सफाई की लगातार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। इसलिए वहां पर मुख्यमंत्री से शिकायत करने के लिए गए थे। दोनों ने यात्रा में व्यवधान डालने के मामले में अपने को निर्दोष बताया। 

मालूम हो कि सीएम नीतीश कुमार मंगलवार को मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए 105 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास किया। और उद्धाटन समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, नगर विकास व आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा समेत सभी संबंधित अधिकारी व बड़ी संख्या में एनडीए के नेता व आम लोग मौजूद थे। 

Posted By: Ajit Kumar

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