मुजफ्फरपुर। कभी मेरे नाम पर गौरवान्वित होने वालों की बदनसीब मैं बाजितपुर पंचायत हूं। सरकार हमारी एक भी समस्या सुलझाने का नाम नहीं ले रही। पानी के अभाव में खेतों मे लगी फसलें सूख जाती हैं। मेरे वाशिंदों के लिए किसानी अब मुसीबत बनती जा रही है। डेलुआ और बतरौलिया चौर जो एक जमाने में किसानों का पेट भरता था, आज वहां से पानी नदारद है। राजेश सिंह ने कहा कि जबतक बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिलता, गाव की तरक्की नहीं हो सकती। लगन देव सिंह ने कहा कि गावों के विकास के लिए सरकार का कागजी रोडमैप तैयार होता है। लापरवाह नौकरशाह के रहते विकास संभव नहीं। गाव में सार्वजनिक स्थल या भवन नहीं है, जबकि मलंग बाबा स्थान पर सार्वजनिक भवन निर्माण को दशकों से प्रयास काम नहीं आ रहा। तीन दशक बीत जाने के बाद भी पंचायत में एक पंचायत भवन का निर्माण नहीं कराया जा सका। एक जर्जर सामुदायिक भवन का आसरा है जो कभी भी ध्वस्त हो सकता है। डेलुआ बतरौलिया बाया नदी से निकली साइफन बंद है। प्राथमिक विद्यालय खड़वार टोला का जर्जर भवन बच्चों और शिक्षकों की कभी भी जान ले सकता है। डेलुआ गाव के मुस्लिम टोला, खड़वार टोला को मुख्य सड़क तक जाने का रास्ता नहीं है। बाजितपुर- मंगुरहिया-सिसवनिया तक जाने वाली झाझा नदी का तटबंध कभी मुख्य रास्ता हुआ करता था, अतिक्रमण के कारण वर्षो से बंद हो गया है। काशी सिंह धोबी टोला के लोग रास्ते के अभाव में पगडंडी के सहारे रोड तक पहुंचने को विवश हैं। सरकार की गलत नीतियो के कारण पंचायत के अधिकतर पेंशनरों के खाते में पैसे नहीं आने से भुखमरी का दंश झेलना पड़ रहा है ।

कहते हैं बुजुर्ग -

- सरकार गाव के विकास की बात तो करती है, लेकिन विकास का बजट पटना-दिल्ली में बैठकर बनाया जाता है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क व सिंचाई की व्यवस्था नहीं हो पाती है।

मनोज कुमार सिंह

- आजकल भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। यही वजह है कि अधिकारी आवश्यक कार्यो पर ध्यान केंद्रित नही करते। जबतक सरकार और अधिकारी के बीच समन्वय नहीं होगा, गावों का विकास संभव नहीं। राजदेव ठाकुर

हमने बाजितपुर पंचायत को आदर्श पंचायत बनाने का सपना देखा है। पूर्व के जनप्रतिनिधियों ने कुछ करने की कोशिश नहीं की। तीन दशक बाद भी पंचायत भवन का निर्माण नहीं कराया जा सका। मैं पंचायत के सभी पूर्व जन प्रतिनिधियों और सम्मानित लोगों से आग्रह करती हूं कि विकास की गति तेज करने में सहयोग करें। मैं गरीबों का हक उनकी चौखट तक पहुंचाने को हमेशा संघर्ष करने को तैयार हूं। सुशीला देवी, मुखिया। पंचायत एक नजर में

स्कूल - 08

आगनबाड़ी -08

पेंशन -3500

ग्रेजुएट -150

मैट्रिक -500

स्वास्थ्य उपकेंद्र -01

सरकारी नौकरी - 42

ऐतिहासिक गढ - 01

विषहर स्थान -01

सामुदायिक भवन -02

चौपाल में हुए शामिल

मो सफीक, दुर्गा साह, रामदयाल सहनी, राजदेव ठाकुर, सीताराम सहनी, रामसहाय राम, तिलक पासवान, अमरजीत सिंह , मनोज सिंह, रामविलास सहनी, रामएकबाल सहनी, कामेश्वर प्रसाद सिंह, परशुराम सहनी, रामबाबू साह, राजेश सिंह, भारती गोसाई, अशोक कुमार सिंह, संजय कुमार।

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