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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बंध्याकरण के बाद बिन रजाई बरामदे पर गुजारनी पड़ी रात

By JagranEdited By:
Published: Tue, 14 Nov 2017 01:32 AM (IST)

बोचहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो दर्जन से अधिक महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन किया गया।

बंध्याकरण के बाद बिन रजाई बरामदे पर गुजारनी पड़ी रात
बंध्याकरण के बाद बिन रजाई बरामदे पर गुजारनी पड़ी रात

मुजफ्फरपुर। बोचहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो दर्जन से अधिक महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन किया गया। मरीजों को सरकारी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गई। जाड़ा का मौसम होने के बाद भी मरीजों को बरामदे पर रात ही नहीं गुजारनी पड़ी, बल्कि उन्हें कंबल भी नहीं दिया गया। कुछ मरीजों को बेड सीट मिली तो कुछ को नहीं। रजाई सहित बिछावन की व्यवस्था मरीजों को खुद करनी पड़ी। मरीजों का ऑपरेशन डाक्टर सरोज सिन्हा,डॉ प्रवीर कुमार,प्रभारी डॉ अवधेश कुमार,डॉ कुमार वागीश के अलावा स्वास्थय कर्मी अशोक कुमार, मुन्ना कुमार, शिवजी कुमार, गोविंद कुमार आदि ने किया। हेल्थ मैनेजर आलोक कुमार ने बताया कि क्षमता से अधिक ऑपरेशन नहीं करने को कहा गया था, लेकिन महिलाओं के अधिक संख्या में आने से व्यवस्था में कुछ खामियां रह गई।