पूर्वी चंपारण, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को वीडियो लिंक के जरिए संयुक्त रूप से भारत-नेपाल पाइप लाइन का उदघाटन किया। यह पाइप लाइन दक्षिण एशिया का क्रॉस बॉर्डर पहला पाइप लाइन है। यह पाइप लाइन भारत के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी से नेपाल के बारा जिला अमलेखगंज तक गया है। इसके उदघाटन के बाद दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने आपसी संबंध व सहयोग पर जोर दिया।

 नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इसपर प्रसन्नता जाहिर की। नेपाल के अमलेखगंज में पेट्रोलियम पाइप लाइन उद्घाटन समारोह में इंडियन ऑयल के अधिकारी जेपी सिन्हा और नेपाल ऑयल निगम के एमडी सुरेंद्र पौडेल ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है। इसे पर्यावरण की सुरक्षा और प्रतिवर्ष नेपाल सरकार को दो अरब अतिरिक्त लाभ मिलेगा। पाइप लाइन के अधिकारी अभिजीत चौधरी, नेपाल ऑयल से सुशील भट्टराई, प्रदीप यादव, वीरेंद्र गोइत, नेपाल के प्रमुख व्यपारिक संगठन उद्योग वाणिज्य संघ के मनोज कुमार दास, सुरेंद्र श्रीवास्तव, विनोद चौधरी, अनिल ङ्क्षसह ने बताया कि दोनों देशों की सरकारे समय सीमा पर उक्त पाइप लाइन प्रोजेक्ट को पूरा किया है। जिसे लोगों में एक संदेश गया है कि भारत-नेपाल के विकास के लिए ²ढ संकल्पित है। फिलहाल भारत और नेपाल के बीच पेट्रोलियम उत्पादों का ट्रांसपोर्ट 1973 में बनाए गए नियमों के आधार पर ही हो रहा है।

आपसी सहयोग से महत्वपूर्ण द्विपक्षीय परियोजनाएं हुई पूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल व भारत के आपसी सहयोग को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पाइपलाइन समय से पहले पूरा हो गया। उन्होंने कहा,'यह बहुत संतोष का विषय है कि दक्षिण एशिया की यह पहली क्रॉस-बॉर्डर पेट्रोलियम पाइपलाइन रिकॉर्ड समय में पूरी हुई है। जितनी अपेक्षा थी, उससे आधे समय में यह बन कर तैयार हुई। इसका श्रेय नेपाल सरकार के सहयोग और हमारे संयुक्त प्रयासों को जाता है।Óउन्होंने आगे कहा,'पिछले पांच वर्षों में, हमने महत्वपूर्ण द्विपक्षीय परियोजनाओं को पूरा किया है और कई अन्य नई परियोजनाओं के परिणाम जल्दी प्राप्त किए हैं। पिछले साल हमने संयुक्त रूप से पशुपतिनाथ धर्मशाला और आईसीपी वीरगंज का उद्घाटन किया था।'  

बरौनी रिफाइनरी से नेपाल जाएगा ईंधन

नेपाल के काठमांडू स्थित भारतीय महावाणिज्य दूत मंजीत सिंह पूरी ने बताया कि बिहार के बेगूसराय जिले में बरौनी रिफाइनरी से नेपाल के बारा जिला अमालेखगंज तक जाने वाले पाइपलाइन से ईंधन की आपूॢत की जाएगी। नेपाल ऑयल कार्पोरेशन के प्रवक्ता बिरेंद्र गोइत के अनुसार, 69 किमी लंबे पाइपलाइन के आ जाने से भारत से नेपाल के बीच ईंधन के ट्रांसपोर्ट पर खर्च में काफी कमी आएगी। बता दें कि अमालेखगंज बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल सीमा पर स्थित है। अमालेखगंज ईंधन डिपो की भंडारण क्षमता 16,000 किलोलीटर पेट्रोलियम उत्पादों की हो जाएगी। 

Posted By: Ajit Kumar

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