मुजफ्फरपुर, जेएनएन। एलएस कॉलेज के शिक्षकों ने नैक मूल्यांकन को लेकर अपनी ताकत झोंक दी है। लक्ष्य है अपनी गतिविधियों का सही प्रजेंटेशन करके ए प्लस लेने का। इसके लिए दो अलग-अलग समूह बनाए गए। नैक की ओर से तय सात बिंदुओं पर अलग-अलग काम करने के लिए नैक टारगेट गु्रप गठित किया गया है। ये अपने क्षेत्र की उपलब्धि की रिपोर्ट व वीडियो क्लिप बनाकर ई-बास्केट में डालेंगे। वाट्सएप समूह व ई-बास्केट में जो उपलब्धि आएगी उसकी समीक्षा नैक मूल्याकंन समिति करेगी। दोनों कमेटी की अध्यक्षता प्राचार्य करेंगे।

नैक टारगेट समूह में ये शामिल

मूल्यांकन कोर कमेटी मेंं प्राचार्य डॉ.ओपी राय के नेतृत्व में समन्वयक प्रो.एसके मुकुल, प्रो.राजीव कुमार, प्रो.गौरव पांडेय, प्रो.गजेंद्र वर्मा, प्रो.पंकज कुमार, प्रो.टीके डे के साथ विवि ङ्क्षहदी विभाग के प्रो.उज्ज्वल कुमार को आइटी विशेषज्ञ के रूप में सहयोग करेंगे। वहीं नैक समन्वयक डॉ.एसके मुकुल के समन्वय में गठित टारगेट ग्रुप के डॉ.पंकज कुमार, डॉ.अजय कुमार, डॉ.विजय कुमार, डॉ.राजीव कुमार, डॉ.आलोक, डॉ.रीमा कुमारी, डॉ. प्रगति आशना, प्रो.अरदेंदु कुमार व डॉ.ललित किशोर शामिल हैं।

दो भागों में बांटी जाती है सेल्फ स्टडी रिपोर्ट

विश्वविद्यालय कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार नैक मूल्यांकन के लिए कॉलेज जो सेल्फ स्टडी रिपोर्ट तैयार करता है उसे दो भागों में बांटा जाता है। पहले में आधारभूत सुविधाएं और दूसरे में शैक्षणिक गतिविधियों को शामिल किया जाता है। ै।

यह होगा फायदा

राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की शाखा है। ये विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों की गुणवत्ता का विभिन्न आधारों पर मूल्यांकन करता है। संसाधन एवं परफॉर्मेंस केआधार पर नैक विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों को ग्रेड देता है। इसका फायदा कॉलेजों को यूजीसी द्वारा अनुदान प्राप्त करने में होता है। इस बारे में एलएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ओपी राय ने कहा कि पिछली बार नैक मूल्यांकन में कॉलेज पहले पायदान पर रहा। इस बार ए प्लस का लक्ष्य तय है। महाविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, छात्र व कर्मचारी दिन-रात सहयोग कर रहे हैं। ई-बास्केट बनाया गया है। इसमें हर गतिविधि का अध्ययन कर रिपोर्ट व वीडियो क्लिप का संग्रह किया जा रहा है।

 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021