मधुबनी (झंझारपुर), जासं। कोरोना की पहली एवं दूसरी लहर की जानलेवा कहर को देखते हुए अब तीसरी संभावित लहर से बचाव की तैयारी को अभी से सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। समय से पूर्व ही डॉक्टरों को प्रशिक्षित कर जिला स्तर पर आईसीयू को अपडेट करने एवं उसके संचालन करने के लिए वेल ट्रेंड लोगों को तैयार किया जा रहा है। मधुबनी सदर अस्पताल के एक डॉक्टर और दो नर्सिंग स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। यह प्रशिक्षण एम्स पटना में दी गई है। मधुबनी सदर अस्पताल के डॉक्टर राजीव कुमार सिंह एवं नर्सिंग ऑफिसर अर्पणा कुमारी एवं रंजू कुमारी को विशेष प्रशिक्षण मिला है। प्रशिक्षित लोग अपने जिला में अन्य नर्सिंग ऑफिसर को आईसीयू संचालन की ट्रेनिंग देंगे। उक्त जानकारी डॉ. ए कुमार ने दी।

डॉ. कुमार ने बताया कि एम्स के निदेशक डॉ प्रभात कुमार एवं सीसीडब्ल्यूजी टीम के नोडल पदाधिकारी डॉ नीरज कुमार के निर्देश पर कोविड.19 क्रिटिकल केयर की प्रशिक्षण दी गई है। बिहार के सभी 38 जिलों के चुनिंदा डॉक्टरों एवं नर्सिंग अफसर को आईसीयू में वेल ट्रेंड किया गया है। सभी ट्रेनर को एम्स निदेशक द्वारा प्रमाण पत्र भी दिया गया है। यह विशेष ट्रेनिंग स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव डॉ कौशल किशोर के विशेष निर्देश पर कोरोना के संभावित लहर को देखते हुए पूर्व तैयारी के तहत की गई है। रणनीति सलाहकार डॉ बुलबुल सूद ने बताया कि कोरोना के दोनों लहरों में जहां कमी पाई गई थीए उसे दुरुस्त किया जा रहा है। अब हर जिले में आईसीयू की व्यवस्था सरकारी स्तर पर भी सुनिश्चित रहेगी। ताकि कोविड के क्रिटिकल मरीज को भी समुचित इलाज बिना किसी परेशानी के मिल सके। बता दें कि मधुबनी जिले में एक बार फिर से कोरोना के पॉजिटिव केस आने शुरू हो गए हैं। पिछले दिनों मधेपुर फुलपरास हरलाखी आदि जगहों पर पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह चौकन्ना हो गई है। 

Edited By: Ajit Kumar