मुजफ्फरपुर। मिथिला पंचांग के अनुसार 30 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इसको लेकर शुक्रवार को बाजार में पूजन सामग्री, कपड़े, फूल-माला की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ दिखी। कोरोना की दूसरी लहर समाप्त होने और मंदिरों के खुल जाने से लोगों में उत्साह का माहौल है। छाता बाजार में पूजन सामग्री की बिक्री करने वाले सतीश साह बताते हैं कि दो-तीन दिनों से कारोबार में तेजी आई है। जन्माष्टमी को लेकर लोग पूजन सामग्री के साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के लिए वस्त्र, मोरपंख समेत अन्य सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं। सुजीत कुमार ने बताया कि दोपहर के बाद पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए लोगों का आना शुरू हो जाता है। पिछले वर्ष कोरोना के कारण काफी नुकसान हुआ था। अभी जन्माष्टमी में दो दिन समय है। ऐसे में अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है। बाजार में छोटे-छोटे झूलन, बांसुरी, मोरपंख, माखन-मिश्री, गाय और भगवान श्रीकृष्ण की चीनी मिट्टी की प्रतिमाओं की काफी डिमांड है।

राधाकृष्ण मंदिर में तैयारी जोरों पर : हरिसभा चौक स्थित श्रीश्री 108 मुरली मनोहर राधा कृष्ण मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां जोरों पर है। मंदिर के मुख्य पुजारी पं.रवि कुमार झा बताते हैं कि मंदिर का रंग-रोगन कर किया जा रहा है। इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। जन्मोत्सव से पहले मंदिर परिसर में झूलन लगाया जाएगा। वहीं भगवान श्रीकृष्ण का भव्य पूजन और महाआरती की जाएगी। बताया कि इसके एक दिन पूर्व लोग नहाय खाय के साथ जन्माष्टमी व्रत का आरंभ करेंगे। इसके दूसरे दिन उपवास होगा। रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के बाद पंचामृत से लोग उपवास समाप्त करेंगे। इस बार अष्टमी तिथि 29 अगस्त की रात 11:25 बजे से शुरू होकर 30 अगस्त की रात दो बजे तक रहेगी। इस वर्ष 30 अगस्त को ही जन्माष्टमी मनाई जाएगी।

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