मुजफ्फरपुर, जेएनएन। भगवानपुर स्थित मुथूट फाइनेंस कंपनी के दफ्तर से 10 करोड़ के सोना लूटकांड के केस को पुलिस दबा गई। घटना के बाद जो गिरफ्तारियां और सोना की बरामदगी हुई, उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुराने आइओ भी बदल गए। वर्तमान में सदर थानेदार राजेश्वर प्रसाद केस के अनुसंधानक हैं। लेकिन, केस चार्ज में लेने के बाद से उन्होंने अब तक एक बिंदु पर भी कार्रवाई नहीं की है। शेष सोना बरामद करना तो दूर की बात है, गिरोह के सरगना विकास झा को भी भूल गए हैं। अब तो इस केस की चर्चा तक नहीं होती है। ऐसा लगता है कि केस मिलने के बाद से उन्होंने फाइल खोलकर देखी तक नहीं है, जबकि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर संपत्ति कुर्क करने का आदेश वरीय अधिकारियों ने जारी किया था। लेकिन, कोर्ट में अब तक इश्तेहार के लिए अर्जी भी पुलिस की तरफ से नहीं दी गई है। संपत्ति कुर्क करना तो दूर की बात है।

वैशाली में मारा गया एक शातिर

वैशाली के सराय में सोना लुटेरा गिरोह के एक शातिर अरमान की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। वह महुआ का रहने वाला था। इसी इलाके से लूटकांड के बाद एक आरोपित को गिरफ्तार कर सोना बरामद किया गया था। उस समय अरमान की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। शुक्रवार को बैंक लूटने के दौरान उसे लोगों ने पकड़ लिया था और पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

फरवरी में हुई थी लूट

 इसी साल फरवरी में लुटेरों ने मुथूट फाइनेंस कंपनी के दफ्तर से दस करोड़ का सोना लूट लिया था। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लुटेरों को गिरफ्तार किया था। करीब 25 किलोग्राम सोना बरामद किया गया था। शेष सोना गिरोह का सरगना विकास झा लेकर नेपाल भाग गया था।

 

Posted By: Ajit Kumar