मुजफ्फरपुर, जेएनएन। अब गश्त लगाने में शिथिलता बरतना थानाध्यक्षों और पुलिस पदाधिकारियों को मंहगा पड़ेगा। गश्त करने के दौरान संबंधित थानाध्यक्ष या पदाधिकारी को अपनी तस्वीर खींचकर पुलिस के वाट्सएप गु्रप पर भेजनी होगी, ताकि उनका सही लोकेशन पता लगे। वे सही में गश्त लगा रहे हैं या सिर्फ दिखावा करते हैं। तस्वीर से स्पष्ट हो जाएगा।

 पुलिस के एक वरीय अधिकारी उक्त तस्वीर को देखेंगे और आगे निर्देश देंगे। गश्त लगाने में शिथिलता बरतने वाले संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार से इस नई व्यवस्था की शुरुआत की गई है। सिटी एसपी नीरज कुमार सिंह ने बताया कि सभी पदाधिकारियों से गश्ती के दौरान तस्वीर खींचकर भेजने का निर्देश दिया गया है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

अहियापुर पर विशेष फोकस 

अहियापुर में लगातार हत्या और लूट की घटना को रोकने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। शाम चार से रात्रि दस बजे तक झपहां, संगम घाट, पटियासा और मेडिकल ओवरब्रिज के समीप गश्ती दल का हर हाल में चौकन्ना रहना अनिवार्य है। क्योंकि सुनसान होने के कारण इन इलाकों में अधिकांश घटनाएं होती है। बाइक मोबाइल के जवान भी भ्रमण कर गश्त करते रहेंगे। सभी थाना में बाइक मोबाइल के जवानों की तैनाती कर दी गई है। वे मेन रोड से लेकर गली-मोहल्ले वाले रास्ते में भी गश्त लगाएंगे।

Posted By: Murari Kumar

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