दरभंगा, जासं। मिथिला क्षेत्र पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में छह वर्षों से जमे पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों के तबादले को लेकर बोर्ड की बैठक हुई। बोर्ड अध्यक्ष आइजी अजिताभ कुमार की अध्यक्षता में दरभंगा एसएसपी बाबू राम, समस्तीपुर एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो और मधुबनी एसपी डॉ. सत्य प्रकाश ने अपने-अपने जिले की सूची से छह वर्षों से तैनात इंस्पेक्टर, दारोगा, सहायक दारोगा, हवलदार व सिपाही के नाम का मिलान किया। इस दौरान कई बिंदुओं पर आइजी ने संबंधित जिले के कप्तान से सुझाव लिया। दो पालियों में हुई बैठक देर शाम तक चलती रही। लेकिन, अंतिम निर्णय लेने के लिए एक और बैठक की आवश्कता जताई गई। इसके बाद सर्वसम्मति से अगले सप्ताह में बैठक करने का निर्णय लिया गया।

बता दें कि तीनों जिलों में लगभग 12 सौ पुलिस पदाधिकारी व पुलिस कर्मी जिले में छह वर्षों से तैनात हैं। जिन्हें क्षेत्र के दूसरे जिले के लिए तबादला किया जाना है। आइजी ने बताया कि अगली बैठक में छह वर्षों से जिले में तैनात पुलिस पदाधिकारियों व पुलिस कर्मियों के तबादले पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। हालांकि, बैठक दौरान आइजी ने तीनों जिले के कप्तान के साथ हाल में घटित आपराधिक घटनाओं पर चर्चा की। इसमें कई मामले के पर्दाफाश होने और आरोपितों की गिरफ्तारी कर लिए जाने की जानकारी दी गई। जवाब सुनने के बाद आइजी ने कहा कि सिर्फ गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा। आरोपितों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाना और उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है। इस पर उन्होंने विशेष नजर रखने को कहा। संपत्तिमूल्क घटनाओं पर लगातार समीक्षा करने का निर्देश दिया।

वित्तीय अनियमितता के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने वित्तीय अनियमितता के एक मामले में गंगौली कनकपुर ग्राम पंचायत के प्रभारी पंचायत सचिव को वार्ड नंबर दो, छह एवं 11 की वार्ड क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष व सचिव पर दो दिनों के भीतर प्राथमिकी दर्ज कर प्राथमिकी की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया है। उन्होंने 30 जुलाई को पंचायत सचिव को जारी अपने पत्र में कहा है कि वार्ड छह के लालटून पासवान, विक्रम मिश्र ,वार्ड अध्यक्ष ,सचिव, वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति वार्ड नंबर छह में नल जल योजना को पंचायती राज विभाग, बिहार, पटना के दिशा निर्देश के अनुरूप पूर्ण करने का निर्देश दिया गया था जो अबतक उनके द्वारा नहीं किया गया है। सरकारी राशि की निकासी करना एवं योजना को पूर्ण नहीं करना एक तरह से वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। बीडीओ अनुपम कुमार ने बताया कि योजना को लंबित रखने वाले ऐसे सभी लोगों को सख्त चेतावनी दी है कि निर्धारित समय पर योजना को पूरा नहीं करने की स्थिति में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।