पश्‍च‍िम चंपारण (बगहा) जासं। पुलिस जिले के चौतरवा थाना क्षेत्र के पतिलार निवासी सनकी साधु मोतीलाल यादव को एसडीपीओ कैलाश प्रसाद के नेतृत्व में गठित टीम ने रतवल स्थित छठिया घाट के समीप से शुक्रवार की रात गिरफ्तार कर लिया। एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार साधु पुलिस से बचने के लिए अपना नाम व पहचान छिपाकर रह रहा था। स्थानीय ग्रामीण व मृत महिला के स्वजनों ने उसकी पहचान की है। गिरफ्तार साधु के पास से हत्या में प्रयोग की गई कुल्हाड़ी व कपड़ा आदि भी जब्त कर लिया गया है। आरोपी ने स्वीकार किया है कि जिस महिला की हत्या की, उससे उसका संबंध था। घटना के दिन जब उसने संबंध बनाने की कोशिश की तो महिला ने उसका विरोध किया। जिसके बाद उसे गुस्सा आ गया और उसने अपनी कुल्हाड़ी से उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद से आरोपित फरार चल रहा था। पुलिस उसकी खोजबीन कर रही थी। इस बीच एक दिन रात में गांव पहुंचा और ग्रामीणों को धमकी दी कि उसके विरुद्ध यदि किसी ने गवाही दी तो उसका अंजाम भी वहीं होगा । जिसके बाद गांव के सभी लोग दहशत में आ गए और इसकी सूचना पुलिस को दी।

गेरुवा वस्त्र की जगह जींस कुर्ता पहन कर छिपता रहा

एसडीपीओ ने बताया कि आरोपित ने पहचान छिपाने के लिए सबसे पहले अपनी दाढ़ी मूंछ कटवाई और गेरुआ वस्त्र के बदले जींस-कुर्ता पहनकर इधर-उधर छिपता रहा। शुक्रवार की रात पुलिस को देखते ही वह भागने लगा। जिसे खदेड़कर पुलिस ने पकड़ लिया। नाम पूछने पर उसने अपना नाम नारायण दास बताया। जांच के दौरान उसके पास से बरामद बैग के गेरूआ कपड़े व कुल्हाड़ी मिली। जिसके बाद पुलिस टीम को शंका हुई। सख्ती से पूछताछ की गई तो वह अपना बयान बदलने लगा। इस बीच स्थानीय चौकीदार व ग्रामीणों से पहचान कराई गई तो उसकी पहचान मोतीलाल यादव के रूप में हो गई। यहां बता दें कि चौतरवा थाना क्षेत्र की महिला 23 सितंबर को मठिया सरेह में चारा के लिए गई थी। तभी उसी गांव का मोतीलाल यादव ने दुष्कर्म में विफल होने के बाद दोनों बेटियों के सामने ही कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी। एसडीपीओ ने बताया कि टीम में पुलिस निरीक्षक अनिल कुमार सिन्हा, थानाध्यक्ष शंभू शरण गुप्ता , दारोगा दुलारचंद राम, जमादार मंजय कुमार, वाल्मीकि प्रसाद, सिपाही ओमप्रकाश कुमार, संजय दास व चालक बुधन पासवान शामिल थे।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh