PM Kisan Samman के बाद एक और खुशखबरी, फसल क्षति पर हर किसान को गारंटी से मिलेगा मुआवजा
PM Fasal Bima Yojana New Update: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम फसल बीमा योजना में बदलावों की घोषणा ...और पढ़ें

किसानों को अब नुकसान की स्थिति में बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी। फाइल फोटो
HighLights
केंद्रीय मंत्री ने पीएम फसल बीमा योजना में बड़े बदलाव किए।
अब एक भी किसान की फसल क्षति पर मुआवजा मिलेगा।
बिहार में भी योजना पुनः लागू, किसानों को दोहरा लाभ।
डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर। PM Fasal Bima Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के बाद अब किसानों के लिए एक और बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को लेकर अहम बदलावों की घोषणा की है।

उन्होंने संसद सत्र के दौरान कहा कि योजना के नियमों में संशोधन करते हुए यह सुनिश्चित किया गया है कि यदि एक भी किसान की फसल को नुकसान होता है, तो बीमा कंपनी को उसका मुआवजा देना होगा। इससे किसानों को अब नुकसान की स्थिति में बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी। बाद में इसकी जानकारी अपनी एक्स पोस्ट में भी साझा की है।
क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसकी शुरुआत 2016 में की गई थी। इसका उद्देश्य सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट और बीमारियों जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसल को हुए नुकसान की भरपाई करना और किसानों की आय को स्थिर बनाए रखना है।
किसानों को कैसे मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी किसानों को मिलता है। इसमें बटाईदार और काश्तकार भी शामिल हैं। अब यह योजना पूरी तरह स्वैच्छिक है, यानी किसान अपनी इच्छा से इसमें शामिल हो सकते हैं।
आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन से जुड़े दस्तावेज या स्व-घोषणा पत्र आवश्यक होते हैं।
बिहार में क्या है स्थिति?
बिहार में पहले इस योजना के स्थान पर राज्य सरकार ने ‘बिहार राज्य फसल सहायता योजना’ लागू की थी। इसमें किसानों को बिना प्रीमियम दिए सहायता मिलती है। 20 प्रतिशत तक नुकसान पर 7500 रुपये और उससे अधिक नुकसान पर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाती है।
हालांकि, हाल के अपडेट के अनुसार राज्य में PMFBY को फिर से लागू करने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे किसानों को दोहरा लाभ मिल सकता है।
प्रीमियम और भुगतान व्यवस्था
इस योजना में किसानों को बेहद कम प्रीमियम देना होता है। खरीफ फसल के लिए 2 प्रतिशत, रबी के लिए 1.5 प्रतिशत और बागवानी या वाणिज्यिक फसलों के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम तय है। बाकी राशि केंद्र और राज्य सरकार वहन करती हैं।
फसल नुकसान की स्थिति में बीमा राशि सीधे किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। नुकसान का आकलन सैटेलाइट इमेजरी और क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट के जरिए किया जाता है।
घर बैठे कर सकते आवेदन
किसान इस योजना के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ‘फार्मर कॉर्नर’ में रजिस्ट्रेशन करना होता है। इसके बाद व्यक्तिगत जानकारी, जमीन और बैंक खाते का विवरण भरकर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं।
प्रीमियम का भुगतान ऑनलाइन किया जा सकता है। किसी भी समस्या के लिए किसान हेल्पलाइन नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं।
किसानों के लिए क्यों है अहम
नई व्यवस्था के तहत अब एक भी किसान के नुकसान को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। यह बदलाव किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ उनकी आय को स्थिर बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
हमने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के सभी नियमों में संशोधन किया और यह तय किया कि अगर एक भी किसान का नुकसान होता है, तो बीमा कंपनी को उस नुकसान का मुआवजा देना होगा।
— Agriculture INDIA (@AgriGoI) March 17, 2026
- श्री शिवराज सिंह चौहान
माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री #PMFBY #agrigoi #farmerfirst… pic.twitter.com/pmxIHkf6NE
