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    पीएम किसान सम्मान 21वीं किस्त : 3.71 लाख किसानों के खाते में पीएम मोदी ने भेजी राशि

    By AMRENDRA TIWARIEdited By: Ajit kumar
    Updated: Wed, 19 Nov 2025 06:01 AM (IST)

    वैसे किसान जो PM Kisan Samman Nidhi की 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे थे उनका इंतजार उस समय खत्म हुआ जब पीएम मोदी ने आनलाइन नकदी ट्रांसफर किया।उसके संबो ...और पढ़ें

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    PM Kisan Samman Nidhi किसानों को सशक्त करने की दिशा में केंद्र सरकार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। फोटो : इंटरनेट मीडिया

    अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। PM Kisan latest update 2025:  किसानों को सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई किसान सम्मान योजना का मुजफ्फरपुर स्थित राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र में लाइस प्रसारण किया गया। इसमें किसानों ने केसीसी के माध्यम से किसानों को सशक्त करने के लिए किए जा रहे प्रयास के बारे में जानकारी हासिल की।

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    वहीं दूसरी ओर दरभंगा के जाले स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त के हस्तांतरण का लाइव प्रसारण किया गया। मौके पर प्रखंड क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसान सम्मान समारोह के मौके पर तमिलनाडु के कोयंबटूर से किसान सम्मान निधि की राशि किसानों के खाते में हस्तांतरित की। 

    पीएम के संकल्प के अनुरूप किसानों को समृद्ध करने की दिशा में केंद्र सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयास के तहत किसानों पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त बुधवार को दोपहर बार ट्रांसफर की गई है। तमिलनाडु से पीएम मोदी ने एक कार्यक्रम में यह किस्त जारी की। 

    स्थानीय स्तर की बात करें तो राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र में पीएम मोदी के संबोधन को सुनने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें जिला कृषि अधिकारी समेत सभी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। किसानों के उत्थान के लिए पीएम के सुझाव को अनुकरण करने का संकल्प दोहराया। 

    PM Kisan 21st installment date

    जिले के 3.71 लाख किसान समेत पूरे देश के 9 करोड़ किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि( PM Kisan Samman Nidhi) की 21वीं किस्त जारी की गई है। सभी पात्र किसानों को 18000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। 

    बिहार विधानसभा चुनाव 2025 होने की वजह से बिहार के करीब 73 लाख किसानों के मन में यह आशंका थी कि उन्हें यह राशि मिलेगी या नहीं? अब आचार संहिता हट जाने की वजह से यह संशय भी दूर हो गया। जैसे ही उनके खाते में 2000 रुपये पहुंचे उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इससे पहले 02 अगस्त को इसकी 20वीं किस्त जारी की गई थी। 

    PM Kisan latest update 2025

    किस्त अटक भी सकती है अगर... 

    मुजफ्फरपुर की बात करें तो मोतीपुर में सबसे अधिक 48,639 पात्र लाभुक हैं। वहीं इसके विपरीत मुरौल प्रखंड में लाभुक किसानों की संख्या केवल 5,174 है। उन किसानों के लिए बुरी खबर है जिन्होंने किसी वजह से अब तक ई केवाईसी नहीं करवाया है। ऐसे किसानों को इस लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। 

    ऐसे किसानों को जिला कृषि कार्यालय से लगातार प्रेरित किया जा रहा है कि वे ई केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करवा लें, अन्यथा न केवल 21वीं किस्त वरन आगे की अन्य किस्त के लाभ से भी उन्हें वंचित होना पड़ सकता है। 

    किन किसानों को 21वीं किस्त नहीं मिलेगी? 

    • जिनका ई केवाइसी अभी तक लंबित है
    • जिनके बैंक खाते विवादित हैं
    • जिनके नाम पर विवादित जमीन है
    • उच्च आय वर्ग के लोग
    • जिन्होंने गलत जानकारी दी है 

    कब-कब मिलता है पैसा?

    पीएम किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की ओर से अन्नदाता किसानों को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रत्येक साल पहली किस्त 1 अप्रैल से 31 जुलाई, दूसरी किस्त 1 अगस्त से 30 नवंबर और तीसरी किस्त 1 दिसंबर से 31 मार्च के बीच किसानों के बैंक खाते में केंद्र सरकार की ओर से सीधे भेज दिए जाते हैं। 

    इस वर्ष के चुनाव में एनडीए की ओर से किसान सम्मान निधि को बढाकर 9000 हजार रुपये किए जाने का वादा किया गया था। इस किस्त से तो किसानों को लाभ नहीं मिला पाएगा। यह देखने वाली बात होगी कि 22वीं किस्त के भुगतान से पहले क्या राज्य सरकार इस वादे को पूरा करने से संबंधित सभी प्रक्रिया पूरी कर लेती है या नहीं। 

    PM Kisan samman 2025

    PM Kisan Status चेक कैसे करें? 

    पीएम मोदी दोपहर बाद जैसे ही 21वीं किस्त की भुगतान प्रक्रिया को पूर्ण करेंगे, आपके खाते में ये दो हजार रुपये क्रेडिट हो जाएंगे। इसका मैसेज संबंधित बैंकों की ओर से आपको भेज दिया जाता है। यह सबसे सरल और सुगम तरीका है। देखने में यह आया है कि नेटवर्क कमजोर होने या किसी अन्य वजह से यह मैसेज आपको नहीं मिल पाता है। 

    उस समय बैंक की शाखा में जाकर चेक करना भी संभव नहीं हो पाता है। सभी गांव में बैंक शाखा की सुविधा नहीं होती है। ऐसे में परेशान होने की जरूरत नहीं है।जब हाथ में मोबाइल है तो सभी समस्या का समाधान है। 

    आप पीएम किसान सम्मान निधि की वेबसाइट पर जाकर बेनिफिशरी स्टेटस पर क्लिक करेंगे तो एक नया पेज ही खुल जाएगा। उसमें आपसे कुछ जानकारियां मांगी जाएंगी। इसका डिटेल उसमें डालते ही आपके सामने पूरा विवरण सामने आ जाएगा। 

    मुजफ्फरपुर के किस प्रखंड में कितने लाभार्थी

    प्रखंड  लाभुकों की संख्या
    औराई 

    21,410

    बंदरा 

    7,354

    मोतीपुर  48,639
    बोचहां  22,419
    मुरौल  5,174
    गायघाट 36,535
    कांटी  17,137
    कटरा  20,614
    कुढ़नी 40,202
    मड़वन 13,558
    मीनापुर 27,193
    मुशहरी 12,193
    पारू 36,218
    साहेबगंज  14,965
    सकरा 18,917
    सरैया 28,429

     

     

    क्या है पीएम किसान सम्मान योजना? 

    अन्नदाताओं को सशक्त करने का जो संकल्प पीएम नरेंद्र मोदी ने लिया है यह योजना उसी का परिणाम है। इसके तहत तीन विभिन्न किस्तों में किसानों के खाते में सीधे 6000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं। इसके लिए वही किसान पात्र माने जा रहे हैं जिन्होंने ई केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कर ली है। 

    जिनके बैंक खाते आधार कार्ड से जुड़े हैं और पीएम किसान पोर्टल पर भूमि के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही करने पर लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। 

    लाभ लेने के लिए क्या करें? 

    पीएम किसान सम्मान योजना की वेबसाइट के अनुसार ई-केवाईसी अनिवार्य है। यदि अभी तक आपने ऐसा नहीं कराया है तो बिना देरी किए इसे करवा लें। मोबाइल की मदद से ओटीपी आधारित ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं। यदि इसमें परेशानी हो रही है तो पास के कामन सर्विस सेंटर यानी सीएससी पर जाकर बायोमेट्रिक आधारित ई केवाईसी करवा सकते हैं। 

    इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी कहां मिलेगी?

    जब हाथ में मोबाइल है तो कहीं भी भागदौड़ करने की जरूरत नहीं है। pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाकर आप लाभुक की सूची में आपका नाम है या नहीं यह अपनी स्थिति जानें वाले सेक्शन में जाकर देख सकते हैं।

    जिन्होंने अभी तक इस योजना का लाभ नहीं लिया है वे खुद से पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। यदि िकिसी तरह की परेशानी होती है तो सीएससी जा सकते हैं। उसी तरह से इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में आधार आधारित खाता खुल जाएगा। 21वीं किस्त यदि किसी कारणवश न मिल पाए तो 22वीं किस्त तो जरूर ही मिलेगी। 

    पात्र किसानों को उनके हिस्से की राशि ससमय मिलती रहे इसके लिए जरूरी है कि कागजी प्रक्रिया को पूर्ण करा लिया जाए। ई- केवाईसी नहीं होने की वजह से लाभ से वंचित किसानों की लगातार शिकायतें प्रखंड और जिला कृषि कार्यालय में पहुंचती रहती हैं। इस दिशा में विभाग के साथ ही साथ किसानों को भी सजग होने की आवश्यकता है। 

    किसानों को खुद से ई केवाईसी करने या फिर किसी अन्य तरह की परेशानी हो तो सीएससी से संपर्क कर सकते हैं। वहां उन्हें उचित मार्गदर्शन के साथ आवेदन का काम कर भी दिया जाएगा। बाद में वे अपने आवेदन की अद्यतन स्थिति की जांच भी कर सकेंगे।

    जैसा कि पीएम ने अपने संबोधन में अन्नदाता किसान के विकास की दिशा में सरकार के सतत प्रयत्नशील होने की बात कही है। विभाग की ओर से किसानों के कल्याण के लिए चलाए जा रहे कार्यों की जानकारी और अधिक किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता है।

     उन्होंने केसीसी यानी किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे में विस्तार होने की वजह से किसानों को हो रहे फायदों के बारे में बताया। कहा कि मछली पालकों को इसमें शामिल किए जाने के बाद से उल्लेखनीय काम हो रहा है। उन्होंने किसानों के गमछा लहराने को बिहार का प्रभाव करार दिया।

    दरभंगा के ले के कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान सह वरीय विज्ञानी डा. दिव्यांशु ने कहा कि रबी फसलों जैसे गेहूं, तोरी–सरसों, मूंग एवं सब्जी वाली फसलों की वैज्ञानिक विधि से खेती कर मूल्य संवर्द्धित उत्पादों में बदलकर अधिक कमाई कर सकते हैं। उन्होंने किसानों के प्रशिक्षण और प्रत्यक्षण के माध्यम से हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। 

    इसी दौरान उद्यान विशेषज्ञ डा. प्रदीप कुमार विश्वकर्मा ने बगीचा के रखरखाव एवं उसके प्रबंधन पर चर्चा करते हुए कहा कि जब तक कृषक गण अपने बगीचा का रखरखाव सही तरीके नहीं करेंगे तब तक उसके बाग का वृक्ष आच्छादन फलन नहीं कर पाएगा। उन्होंने बताया कि अधिकांश कृषक फल तोड़ाई के बाद अपने बाग का रखरखाव करने नहीं जाते हैं। 

    बहुतायत किसान अपने बाग में जाना छोड़ देते हैं। जबकि फल तोड़ने के बाद ही बागीचों का उचित प्रबंधन किया जाना चाहिए। जैसे जुताई, सिंचाई, सूर्य का प्रकाश वृक्षों के जड़ों तक पहुंचने के लिए वृक्षों के बढ़े हुए डालों का कटाई छंटाई करना आदि। कटे हुए डाल पर किसी भी प्रकार का संक्रमण न लगे इसके लिए बोडा पेस्ट भी लगाने की सलाह दी।कार्यक्रम में दोघरा, काजी बहेड़ा, नगरडीह, बसन्त, जाले, सहसपुर, मस्सा, मुरैठा आदि के तीन सौ से अधिक किसान शामिल थे।