समस्तीपुर [शंभूनाथ चौधरी]। नारी सशक्तीकरण के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रयास में जुटे हैं कुछ युवा। वे हर रोज किसी न किसी घर पहुंचकर फलदार पौधा लगाने का अभियान चलाते हैं। नामकरण उस घर की बेटी के नाम पर ही करते हैं। पांच महीने पहले शुरू इस अभियान में सैकड़ों पौधे लग चुके हैं।

प्राथमिक शिक्षक राजेश कुमार सुमन तीन साल से पर्यावरण संरक्षण का अभियान चला रहे। उनके साथ आधा दर्जन से अधिक नौकरीपेशा युवा जुड़े हैं। महिला सशक्तीकरण के विचार से इन लोगों ने हर घर में बेटी के नाम पर एक पौधा लगाने का निर्णय लिया। इसकी शुरुआत इस साल एक जुलाई को वन महोत्सव के दिन हुई। टीम में शामिल अशोक, सतीश, संतोष, रतन, राजाराम, ओमप्रकाश व बचनदेव प्रतिदिन किसी एक घर पर पौधा लेकर पहुंचते हैं। वहां बेटी के हाथ से लगवाते हैं।

 पौधे का नामकरण बेटी के नाम पर ही किया जाता है। माता-पिता व परिजनों को औलाद की तरह पौधे की देखभाल करने का संकल्प दिलाया जाता है। पौधारोपण का खर्च ये खुद उठाते हैं। अब तक केवल राजेश ही 159 घरों में पौधारोपण करा चुके हैं। इसमें मुख्य रूप से थतिया, इसमइला आदि गांव शामिल हैं। 

बेटी के सम्मान से जोड़ रहे परिजन

अपने नाम से पौधारोपण कर गदगद हुईं बेटियां इन युवाओं को धन्यवाद देते नहीं थकतीं। परिजन इसे पुत्री के मान-सम्मान से जोड़ रहे हैं। थतिया निवासी रिंकू कुमारी के पिता शिवनारायण दास, स्वाति के पिता लालबाबू महतो और विद्या भारती के पिता श्याम नारायण महतो कहते हैं कि युवाओं ने बेटी के सम्मान में पौधारोपण कर हमारा मान बढ़ाया है। राजेश कहते हैं कि हमारा लक्ष्य है कि लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हों। इसमें सफलता भी मिल रही। इससे प्रेरित सीमावर्ती बेगूसराय जिले के कुछ युवा भी यह अभियान चला रहे। वहां के छौड़ाही प्रखंड के सागी गांव के कई घरों के सामने बेटी के हाथों लगाया गया पौधा लहलहा रहा है।

अनुमंडलाधिकारी रोसड़ा अमन कुमार सुमन का कहना है कि युवाओं का यह अभियान अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। पर्यावरण एवं समाज की बेहतरी के लिए लोगों को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।

Posted By: Murari Kumar

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