मुजफ्फरपुर, जेएनएन। पीएचडी एडमिशन टेस्ट (पैट) 18 अगस्त को होने जा रहा है। इसकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। छह केंद्रों पर टेस्ट लिया जाएगा। इस बार बवाल वाले परीक्षा केंद्रों, जिनमें एलएस कॉलेज समेत विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्र को भी अलग-थलग कर दिया गया है। मुजफ्फरपुर के तीन केंद्रों पर ही टेस्ट हो सकेगा। इस परीक्षा के लिए कुल 2401 उम्मीदवारों ने फॉर्म भरे हैं, जिनमें लगभग 1400 छात्राएं शामिल हैं। प्रभारी कुलपति प्रो. राजेश सिंह के मुख्यालय लौटने के साथ ही परीक्षा की तैयारी को लेकर आहूत बैठक के बाद परीक्षा के नोडल अफसर डॉ. संगीता सिन्हा ने ये जानकारी दी।

 उन्होंने बताया कि इस परीक्षा में वैसे सभी अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे, जो बीईटी/नेट की परीक्षा उत्तीर्ण तो किए हैं, परंतु उन्हें फेलोशिप नहीं मिल पाई है। वैसे सभी उम्मीदवार जो एमफिल, बीईटी या नेट क्वालीफाइड फॉर असिस्टेंट प्रोफेसर या लेक्चर (बिना फेलोशिप वाले) उन्हें भी पैट में शामिल होना पड़ेगा। बीपीएससी द्वारा बहाल असिस्टेंट प्रोफेसर जिनका कार्य अनुभव दो वर्ष से कम है, वैसे शिक्षकों को भी पैट में शामिल होना अनिवार्य है। 

पेपर एक की परीक्षा ओएमआर से

इस बार पैट एक ही पाली में दोनों पेपर का लिया जाएगा। पेपर नंबर एक की परीक्षा एक घंटे की होगी। अलग-अलग विषय के छात्र-छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखकर छह परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा सुबह नौ बजे से बारह बजे तक होगी। परीक्षार्थी अपना नया एडमिट कार्ड विश्वविद्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। उसको वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।

 नियत समय से 30 मिनट पूर्व अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाएं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उन्हें अपना नाम एवं जन्मतिथि देना होगा। नाम में किसी तरह का डॉट या डैस ना डालें। परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड के साथ एक अन्य पहचान पत्र भी ले जाना अनिवार्य है। पेपर एक की परीक्षा ओएमआर से ली जाएगी। जबकि, पेपर दो की परीक्षा पहले से दिए गए सिलेबस के आधार पर सब्जेक्टिव (व्यक्तिपरक) सवाल होंगे।

 इन केंद्रों पर होगी परीक्षा

-मुजफ्फरपुर में नीतीश्वर सिंह महाविद्यालय, एमडीडीएम व एलएनटी कॉलेज तथा वैशाली में आरएन कॉलेज, हाजीपुर, एलएन कॉलेज, भगवानपुर और पूर्वी चम्पारण में एमएस कॉलेज, मोतिहारी।

ऐसे उम्मीदवारों को सीधे इंटरव्यू के लिए बुलावा

वैसे उम्मीदवार जिन्हें किसी भी तरह से अनुसंधान और फेलोशिप के लिए यूजीसी, सीएसआइआर, डीबीटी डीएसटी, आइसीएमआर आदि से अनुदान की प्राप्ति हो रही हो उन्हें परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं है, वे सीधे इंटरव्यू में भाग लेंगे। साथ ही दो साल के अनुभव के साथ सफलतापूर्वक अपना प्रोबेशन पीरियड पूरा करने वाले विश्वविद्यालय के शिक्षण विभाग में यूजीसी वेतनमान पर नियुक्त सहायक प्रोफेसर या प्रोफेसर भी पैट में भाग से मुक्त रहेंगे। उसी के साथ विश्वविद्यालय के नन टीचिंग स्टाफ, जो पांच वर्षों से अधिक समय से लगातार नियुक्त पर हैं तथा उनके कम से कम दो शोधपत्र यूजीसी से मान्यता प्राप्त किसी भी रेफर्ड जर्नल में प्रकाशित हुए हों और उन लोगों ने फॉर्म भरा हो वे सीधे इंटरव्यू के लिए कॉल किए जाएंगे। 

Posted By: Ajit Kumar

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