मुजफ्फरपुर, जेएनएन। बारिश के बाद जलजमाव की सालाना पीड़ा से इस बार भी शहरवासियों को मुक्ति नहीं मिली। दो दिनों से हो रही बारिश से शहर के कई इलाके जलजमाव झेल रहे। गली-मोहल्लों और निचले इलाकों की स्थिति बदहाल है। बारिश के कारण मोहल्लों से कचरे का उठाव नहीं होने और पानी के साथ सड़क पर फैल जाने के कारण शहर की स्थिति नारकीय हो गई है। साथ ही, नाले का पानी सड़क पर आ जाने के कारण शहर बदरंग हो गया है। राहगीरों को भारी परेशानी हो रही।

दम तोड़ चुकी वर्षों पूर्व बनी जल निकासी व्यवस्था

नाला उड़ाही के बाद भी बारिश का पानी नहीं निकल रहा। निकले भी कैसे, बारिश का पानी शहर से बाहर निकालने को वर्षों पूर्व बनी जल निकासी योजना दम तोड़ चुकी है। लाखों-करोड़ों खर्च कर पिछले एक दशक में बिना आउटलेट के बने नाले भी जल निकासी में अक्षम साबित हो रहे। पानी निकालने में फरदो नाला हांफ रहा, जबकि पानी टंकी चौक से हरिसभा चौक होते कल्याणी चौक तक बना नाला आधा-अधूरा बना हुआ है।

   शहर के उत्तरी भाग का पानी निकालने के लिए फरदो नाले से जोड़ते हुए कल्याणी, चपड़ा पुल, गरीब स्थान, गोला बांध रोड होते हुए बालूघाट स्लूस गेट तक नाले का निर्माण कराया गया था। लेकिन, लोगों ने धीरे-धीरे नाले का अतिक्रमण कर लिया और बहाव को बाधित कर दिया। शहर के बीच से गुजरने वाली रेलवे लाइन के नीचे बने नाले की उड़ाही नहीं हो पा रही। सुरक्षा कारणों से निगम पटरी के नीचे बने नाले की सफाई नहीं करता। इसके कारण स्टेशन रोड, धर्मशाला, इस्लामपुर में जलजमाव होता है।

पानी निकालने में हांफ रहा निगम

जिन इलाकों में पानी जमा है, निगम के सफाई कर्मी उसे निकालने को दिनभर हांफते रहे। अपर नगर आयुक्त विशाल आनंद दिनभर स्वयं जल निकासी को जूझते रहे। उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने के कारण तीन अंचल निरीक्षकों पर कार्रवाई की है। देर रात तक निगम के सफाईकर्मी जाम नाले को खोलने एवं नाले के बहाव को चालू करने के काम में लगे रहे।

   अपर नगर आयुक्त विशाल आनंद ने कहा कि शहर को जलजमाव से मुक्ति दिलाने को अधिकतर नालियों की उड़ाही की गई थी। इसके बावजूद जलजमाव हुआ है तो इसके कई कारण हैं। फरदो नाले का अतिक्रमण एवं रेलवे ट्रैक के नीचे बने नालों की सफाई मुश्किल होने के कारण यह हालात पैदा हो रहा है।

 

Posted By: Ajit Kumar

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