समस्तीपुर, जासं। किराना व्यवसायी चंद्रभूषण प्रसाद हत्याकांड में आसाम के मोरिगांव जिला से गिरफ्तार दिलवर हुसैन का अपराघियों से आउटसाइट कनेक्शन है। तकनीकि अनुसंघान के आधार पर पुलिस को उसके बारे में जानकारी मिली। जिसके बाद हत्याकांड मे गठित एसआइटी ने आसाम के मोरिगांव जिला के मोइराबारी थाना अंतर्गत लेगेरीबोरी गांव से उक्त आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को सदर अनुमंडल कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सदर डीएसपी सहेबान हबीब फखरी ने मामले का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि जिस मोबाइल सेट में सिम का उपयोग करते हुए व्यवसायी चंद्रभूषण प्रसाद से रंगदारी के लिए घमकी दी गई थी। गिरफ्तार आरोपित के पास से उस मोबाइल सेट में उपयोग की गई अन्य सीम बरामद हुआ है। साथ ही दस मोबाइल सेट और 325 पीस मोबाइल सीम बरामद हुआ है। घटना का मास्टरमाइंड मुसरीघरारी का राजेश पाल है। जो अबतक फरार है। छापेमारी दल में सदर अनुमंडल पुलिस पदाघिकारी सहेबान हबीब फखरी, मुसरीघरारी थाना के पुअनि मुकेश कुमार, डीआईयू के संदीप पाल, मुफस्सिल थाना के कृष्णचंद भारती, डीआईयू के सिपाही संतोष कुमार गौड, सोनू प्रसाद, मिथिलेश कुमार शामिल रहे। 

यह है पूरी घटना

बीते 1 अक्टूबर को अपराघियों ने मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के उदानपट्टी गांव में गल्ला व्यवसायी चन्द्रभूषण प्रसाद के मोबाइल नंबर पर वाट्सएप काल के माघ्यम से पांच लाख रुपये रंगदारी के लिए घमकी दी। रंगदारी मांगने वाले ने अपना नाम राजेश पाल बताया था। जो मुसरीघरारी थाना क्षेत्र का ही रहने वाला है। हाल में पूर्व मुखिया शशि झा हत्याकांड का नामजद आरोपित भी है। बीते 26 सितंबर को रंगदारी न देने पर चन्द्रभूषण प्रसाद की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाद मे पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। लेकिन, मास्टरमाइंड राजेश पाल व घटना करने वाले दो शूटर अबतक फरार हैं। इधर घटना के बाद अपराधियों ने 5 अक्टूबर को फिर एक व्यवसायी को रंगदारी की घमकी देकर सनसनी फैला दी है। 

Edited By: Ajit Kumar