मुजफ्फरपुर (जेएनएन)। बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर के चार मंजिला भवन को ध्वस्त करने के लिए नगर निगम ने आदेश जारी कर दिया है। इस भवन में बालिका गृह का संचालन किया जा रहा था। उसे यह भवन स्वयं ध्वस्त कर मलबा हटाना होगा। इसके लिए एक माह का समय दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर निगम इस भवन को ध्वस्त कर देगा और इसका खर्च उससे वसूल करेगा। यह आदेश नगर आयुक्त संजय दुबे ने भवन निर्माण को लेकर नक्शा अन्य कागजात के संबंध में शनिवार को सुनवाई के बाद दिया।

दस दिनों की मिली थी मोहलत

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 29 अक्टूबर नगर निगम ने भवन की मापी कराई थी। 30 अक्टूबर को निगम की ओर से इस भवन पर नोटिस चस्पा दिया गया। इसमें 24 घंटे के अंदर इसका जवाब देते हुए भवन का नक्शा व अन्य कागजात प्रस्तुत करने को कहा गया। ऐसा नहीं करने पर भवन को ध्वस्त करने की चेतावनी दी गई थी। भवन बचाने के लिए एक नवंबर को आगे आई उसकी मां मनोरमा देवी ने नक्शा व कागजात उपलब्ध कराने के लिए 30 दिनों की मोहलत मांगी थी। निगम ने इस संबंध में समाज कल्याण विभाग के निदेशक से मार्गदर्शन मांगा था। फिर बाद में इसके लिए उन्हें 10 नवंबर तक की मोहलत दी थी।

ब्रजेश व उसकी पत्नी के नाम से नक्शा

चिह्नित भवन का नक्शा एमआरडीए ने ब्रजेश ठाकुर एवं उनकी पत्नी कुमारी आशा के नाम से स्वीकृत किया था। एमआरडीए के तत्कालीन उपाध्यक्ष शंभूनाथ सिन्हा के हस्ताक्षर से वर्ष 2004 में स्वीकृत इस नक्शे में दो मंजिले जी प्लस वन भवन निर्माण की स्वीकृति मिली थी। इसकी ऊंचाई 22 फीट रखने की स्वीकृति मिली थी। नक्शा में मकान के दोनों तरफ खाली जमीन छोडऩे का निर्देश दिया गया था। नगर निगम के कार्यपालक अभियंता सुरेश कुमार के नेतृत्व में 29 अक्टूबर को इस भवन की मापी कराई गई। मापी में भवन चार मंजिला पाया गया। साथ ही, भवन के दोनों तरफ खाली जमीन एवं खिड़की नहीं पाया गया। स्वीकृत नक्शे के विरुद्ध भवन की ऊंचाई 50 फीट पाई गई। टीम ने अपनी रिपोर्ट में भवन को पूरी तरह से बिहार बिल्डिंग बाइलॉज का उल्लंघन बताया। सुनवाई के दौरान इस संबंध में ब्रजेश ठाकुर की मां मनोरमा देवी की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया। इसी आधार पर निगम ने उसे ध्वस्त करने का आदेश दिया है।

   मुजफ्फरपुर नगर आयुक्त संजय दुबे ने बताया कि उक्त भवन बिहार बिल्डिंग बाइलॉज 1981 एवं 2014 का उल्लंघन कर बनाया गया है। इसलिए भवन को ध्वस्त करने का आदेश जारी करते हुए भवन मालिक को एक माह के अंदर भवन को गिराने एवं उसका मलबा हटाने को कहा गया है। एक माह के अंदर भवन मालिक द्वारा भवन नहीं गिराए जाने पर निगम ने उसे ध्वस्त कर देगा और ध्वस्त करने में हुए खर्च की वसूली भवन मालिक से की जाएगी।

 

Posted By: Ajit Kumar