मुजफ्फरपुर, जेएनएन। कोरोना संक्रमण से फिलहाल निजात मिलती दिखाई नहीं दे रही है। स्कूल-कॉलेजों के खुलने में अभी समय है। ऐसी स्थिति में एक बड़ी आबादी ऑनलाइन शिक्षा के लिए जरूरी संसाधन तलाश रही है। सीमित आय वाले परिवारों में जहां कई बच्चे हैं या अभिभावकों के अपने काम के साथ बच्चों की भी ऑनलाइन क्लासेज हैं, वहां पर पुराने स्मार्टफोन की जरूरत बढ़ रही है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए आबादी का एक बड़ा हिस्सा सैकेंड हैंड स्मार्टफोन के बाजार की ओर बढ़ रहा है।

बाजार में स्मार्ट फोन की किल्लत

मांग बढऩे के साथ ही बाजार से प्रमुख स्मार्ट फोन गायब हो गया है। खासकर बेहतर फीचर वाले चर्चित स्मार्ट फोन ब्रांड की किल्लत है। तिलक मैदान रोड के मोबाइल कारोबारी दिनेश कुमार और संजीव कुमार के अनुसार फिलहाल, बाजार में स्मार्ट फोन की आपूर्ति कम हो रही है।

सेकेंड हैंड स्मार्ट फोन का कारोबार बढ़ा

शहर से सटे झपहां के किराना कारोबारी मदन कुमार ने दो बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्मार्ट फोन खरीदने का फैसला लिया। बाजार में उन्हें बेहतर फीचर वाले फोन नहीं मिले। फिर दुकानदार ने उन्हें सेकेंड हैंड स्मार्ट फोन के बारे में जानकारी दी। मदन ने अपने बजट में दो पुराने हैंडसेट खरीद लिए। अब उनके दोनों बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। मदन जैसे सैकड़ों लोग हैं जो पुराने स्मार्ट फोन की खरीदारी कर रहे हैं।

रोजाना डेढ़ लाख का हैं सेकेंड हैंड स्मार्ट फोन का बाजार

शहर में रोजाना का मोबाइल का कारोबार लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का रहा है। जबकि, वर्तमान में पुराने स्मार्टफोन का रोजाना का कारोबार डेढ़ लाख रुपये का है। दुकानदार 40 से 60 फीसद कम रेट पर ग्राहकों को पुराने स्मार्ट फोन उपलब्ध करा रहे हैं। मोबाइल कारोबारी रवि कुमार के अनुसार शहर से लेकर गांव तक इन दिनों पुराने स्मार्ट फोन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। इसके दो कारण हैं, पहला एक तो बेहतर गुणवत्ता वाले हैंडसेट बाजार में उपलब्ध नहीं है और दूसरा सेकेंड हैंड स्मार्ट फोन लोगों की बजट में फिट बैठ रहा है।  

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