मुजफ्फरपुर, ऑनलाइन डेस्क। Shameful: बिहार के समस्तीपुर जिला अंतर्गत मोहिउद्दीननगर के लोग आपस में एक-दूसरे पूछ रहे हैं कि जब पुलिस ही किसी की इज्जत से खेले तो न्याय की उम्मीद से किससे की जाए? खासकर, जबकि आरोपित व पीड़ित दोनों पुलिस विभाग से ही हैं। दरअसल, मोहिउद्दीननगर थाने में हाल में ही पदस्थापित होकर आईं एक महिला सिपाही ने अपने थाना प्रभारी पर घिनौनी हरकत करने का आरोप लगाते हुए एक आवेदन एसपी काे दिया था। आरोप की गंभीरता को समझते हुए एसपी ने आरोपित दारोगा को लाइन हाजिर कर दिया। इसके साथ ही मामले को जांच के लिए आंतरिक विवाद कमेटी को सौंप दिया है। वहीं इस प्रकरण के बाद पीड़ित महिला सिपाही छुट्टी पर चली गई हैं। इस मामले में महिला सिपाही के आरोप सही हैं या आरोपित दारोग की बातों में दम है, यह जांच के बाद ही साफ हो सकेगा, किंतु इसने पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल तो खड़े कर ही दिए। लोगों का एक सीधा और वाजिब सा सवाल है कि इस हालत में वे कैसे अपनी पुलिस से न्याया की उम्मीद करें? किस आधार पर वे न्याय की आशा लेकर थाने तक पहुंचें? विशेषकर, महिलाएं।

मोहिउद्दीननगर थाना में हाल ही में पदस्थापित हुईं एक महिला सिपाही ने समस्तीपुर एसपी को दो सप्ताह पहले एक आवेदन दिया था। जिसमें उन्होंने अपने थाना प्रभारी पर कई संगीन आरोप लगाए थे। कहा, थाना प्रभारी सुमन कुमार घिनौनी हरकत करते हैं। बेवक्त फोन कर फूहड़ बातें करना और अश्लील मैसेज भेजना उनकी आदत बनती जा रही है। जिससे उसे काफी परेशानी हो रही है। कुछ ही दिनों के बाद उसकी शादी होने वाली है। आशंका है कि इन बातों का उस पर कोई प्रभाव पड़ सकता है। अपने आवेदन के साथ पीड़िता ने भेजे गए मैसेज और फोन बातचीत के साक्ष्य भी पेश किए। आरोप की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्य को देखते हुए एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लाे ने आरोपित थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया और मामले की जांच का आदेश दे दिया है।

वहीं, घटना के बाद से पीड़ित महिला सिपाही सदमे में चल रही हैं। उन्होंने अवकाश ले लिया है। हालांकि इसे उनकी शादी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इन आरोपों के बारे में आरोपित दारोगा का कहना है कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। जांच में सबकुछ साफ हो जाएगा।