मुजफ्फरपुर (जेएनएन)। तेरे संग यारा, खुशरंग बहारा, तू रात दीवानी मैं जर्द सितारा ओ करम खुदाया है तुझे मुझसे मिलाया है....यह गाना आज यंगस्टर्स के दिलो-दिमाग में छाया है। इस गाने से धूम मचा देनेवाली आकांक्षा शर्मा ने कभी सोचा न था कि वह इस कदर छा जाएंगी। 'दैनिक जागरण' से बातचीत में आकांक्षा ने कहा कि इच्छा थी कि एक बार टीवी पर दिख जाउं। अमूल वॉयस ऑफ इंडिया का 'छोटे उस्ताद' टाइटल शो जीतने के बाद जैसे कारवां ही निकल पड़ा। तब 13 साल की थी।

 अक्षय कुमार की एक और फिल्म गोल्ड में नैनों ने बांधी कैसे डोर भी काफी फेमस हो रहा है। अभी दो दिन पहले ही एक गाना रिलीज हुआ है मरुधर एक्सप्रेस फिल्म का। आयुष्मान खुराना की फिल्म अंधाधुन में गाया है। पार्श्व गायन के साथ फिल्मों में लीड रोल भी करती हैं। कम से कम दस फिल्में और तकरीबन 15 गाने आ चुके हैं।

झुमरीतलैया में जन्म, अब जयपुर-मुंबई ठिकाना

आकांक्षा कहती हैं कि उनका परिवार राजस्थान का मूलनिवासी है। हालांकि, जन्म झुमरीतलैया में हुआ था। काफी साल तक रांची रहीं और वहां से राजस्थान के शहर सीकर में आ गए। मम्मी-पापा जयपुर में हैं और मैं फाइनल मुंबई आ गई। आकांक्षा दो भाई-बहन हैं। उनका छोटा भाई कृष्णा शर्मा चार साल छोटा है। पढ़ाई करता है और गाने-बजाने का कोई शौक नहीं है। मैं बचपन से ही डांस और म्यूजिक में बहुत ही ज्यादा इंट्रेस्टेड थी। पापा आनंद शर्मा बिजनेसमैन हैं तो मां मधु शर्मा टीचर। पापा को गाना सुनने का बड़ा शौक है। हमलोग छत पर घूम रहे थे और पापा ने ऐसे ही मेरी आवाज सुनी तो शायद अच्छा लगा होगा। वो गाने थे आशा जी का गाया हुआ-दिखाई दिए यूं कि बेखुद किया हमें आप से भी जुदा कर चले और शिरडी वाले साईं बाबा ये दोनों गाने मैंने सबसे पहले अपने कॅरियर में गाया था। तब मैं नौ या दस साल की थी।

 

Posted By: Ajit Kumar