NEET 2027 से पहले बड़ा कदम उठाने जा रही NTA,सरकारी संस्थानों में खुलेंगे टेस्टिंग सेंटर
Neet Exam Cbt Mode: NTA देश भर के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में अपने स्टैंडर्ड टेस्टिंग सेंटर स्थापित कर ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Nta Standard Testing Center: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) अपनी कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के पारदर्शी संचालन के लिए एक मजबूत और बड़ा नेटवर्क तैयार करने जा रही है।
इसके तहत देश भर के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में एनटीए के स्टैंडर्ड टेस्टिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। नीट सहित अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं को सुरक्षित व त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है।
संस्थानों से मांगी रिपोर्ट
एनटीए के अनुरोध पर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने तकनीकी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और सरकारी संस्थानों के प्राचार्यों को पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से संस्थानों में मौजूद खाली जगह, कंप्यूटर और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तृत ब्योरा मांगा गया है।
परिषद ने स्पष्ट किया है कि केवल एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त सरकारी संस्थानों से ही यह जानकारी जुटाई जाएगी।
दूरदराज के छात्रों को राहत
वर्तमान में एनटीए कई प्रमुख राष्ट्रीय परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित कर रहा है। परीक्षा केंद्रों के इस नेटवर्क विस्तार से ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी।
इस व्यवस्था के लिए सरकारी संस्थानों में पहले से उपलब्ध बुनियादी ढांचे और कंप्यूटर सिस्टम का पूरा उपयोग किया जाएगा।
सत्यापित जानकारी अनिवार्य
सभी संबंधित शैक्षणिक संस्थानों को यह रिपोर्ट आगामी 15 सितंबर तक अनिवार्य रूप से सौंपनी होगी। संस्थानों की ओर से दी जाने वाली सभी जानकारियां पूरी तरह सटीक और संस्थान के सक्षम प्राधिकारी से सत्यापित होनी चाहिए। बुनियादी ढांचे के वास्तविक आकलन के बाद ही टेस्टिंग सेंटर की मंजूरी दी जाएगी।
इन बिंदुओं पर फोकस
रिपोर्ट में संस्थानों को वर्तमान में कार्य कर रहे चालू कंप्यूटरों की कुल संख्या दर्ज करनी होगी। इसके साथ ही उपलब्ध आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति, नेटवर्किंग और इंटरनेट कनेक्टिविटी की वास्तविक क्षमता बतानी होगी। इसके अलावा बिजली बैकअप और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व्यवस्था का संपूर्ण विवरण देना अनिवार्य किया गया है।
कैंपस की खाली जगह
संस्थानों को उस खाली जगह का भी उल्लेख करना होगा, जिसे भविष्य में समर्पित सीबीटी परीक्षा केंद्र या स्टैंडर्ड टेस्टिंग सेंटर के रूप में ढाला जा सके। तकनीकी संस्थानों को यह भी स्पष्ट करना होगा कि शनिवार, रविवार और घोषित अवकाश के दिनों में यह ढांचा परीक्षा के लिए उपलब्ध रहेगा या नहीं।
साथ ही संस्थान में पूर्व में आयोजित सीबीटी परीक्षा या किसी एजेंसी से हुए पूर्व करार की जानकारी साझा करनी होगी।
परीक्षार्थियों की बुनियादी सुविधाएं
केंद्रों पर महिला व पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग शौचालयों की संख्या और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था का ब्योरा देना होगा। परिसर में सुरक्षित प्रवेश व निकास द्वार, समुचित पार्किंग और चारदीवारी की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।
इसके अतिरिक्त दिव्यांग परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए जरूरी इंतजामों की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल करनी होगी।
संस्थानों से इन बिंदुओं पर मांगी जानकारी
- - संस्थान में काम कर रहे चालू कंप्यूटरों की कुल संख्या
- - वर्तमान में उपलब्ध आइटी इंफ्रास्ट्रक्चर व सिस्टम की स्थिति
- - नेटवर्किंग और इंटरनेट कनेक्टिविटी की क्षमता
- - बिजली बैकअप की उपलब्धता
- - सीसी कैमरों व उनसे जुड़ी अन्य सुविधाओं की स्थिति।
- - संस्थान में वह खाली जगह जिसे समर्पित सीबीटी परीक्षा केंद्र या स्टैंडर्ड टेस्टिंग सेंटर बनाने के लिए उपयोग में लाया जा सके।
