पूर्वी चंपारण, जेएनएन। बिहार के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल की गिरफ्तारी पर से खतरा टल गया है। एसपी ने एएसपी की पर्यवेक्षण रिपोर्ट पर रोक लगा दी है। साथ ही मामले की फिर से जांच करने का आदेश दिया है। यह पूरा मामला लोकसभा चुनाव के मतदान के दिन हुई मारपीट से जुड़ा है। इसे लेकर घोड़ासाहन थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें कुल नौ आरोपियों में से एक डॉ संजय जायसवाल भी हैं। बता दें कि डीएसपी शैशव यादव ने पर्यवेक्षण रिपोर्ट में मामले को सही बताते हुए सभी अभियुक्‍तों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था।   

मोतिहारी मुख्यालय डीएसपी शैशव यादव द्वारा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद डॉ. संजय जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए जारी आदेश पर एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने रोक लगा दी है। उन्होंने डीएसपी के आदेश के आलोक में प्राप्त आवेदन के आधार पर फिर से जांच के आदेश दिए हैं। एसपी उपेंद्र कुमार ने डीएसपी शैशव यादव की पर्यवेक्षण रिपोर्ट के 13 बिंदुओं पर फिर से जांच की आवश्यकता जताई है। अब फिर से जांच होने के बाद ही इस मामले में कोई कार्रवाई हो सकती है। 

यहां बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान नरकटिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सेखौना गांव के एक बूथ पर सांसद संजय जायसवाल को स्थानीय लोगों ने घेर लिया गया था। इस संबंध में सांसद और दूसरे पक्ष के लोगों ने एक-दूसरे पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में जांच के बाद मुख्यालय डीएसपी यादव ने सांसद खिलाफ लगाए गए आरोपों को सत्य पाते हुए मामले में आरोपित सांसद समेत सभी अभियुक्‍तों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था।

इसके बाद चर्चा तेज हो गई कि सांसद संजय जायसवाल को कभी भी पुलिस गिरफ्तार हो सकती है। लेकिन अब एसपी उपेंद्र कुमार के आदेश के बाद भाजपा सांसद व प्रदेश अध्‍यक्ष संजय जायसवाल पर से गिरफ्तारी का खतरा फिलहाल टल गया है। इसे लेकर भाजपा समर्थकों में खुशी की लहर है। 

Posted By: Rajesh Thakur

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