मुजफ्फरपुर, जेएनएन। अब जीआइ टैग शाही लीची की होम डिलीवरी के लिए लोगों को एक दिन और इंतजार करना पड़ेगा। अब पहले से तय 25 मई के बदले 26 मई से लीची की होम डिलीवरी की जाएगी। हालांकि, उद्यान निदेशालय की वेबसाइट पर लीची की होम डिलीवरी को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। रविवार को ही 1700 से अधिक लोगों ने वेबसाइट पर आम और लीची की होम डिलीवरी के लिए बुकिंग करा ली। इनमें 500 से अधिक लीची की बुकिंग है। खुले बाजार में लीची 120 रुपये प्रति सौ की दर से बिक रही है। जबकि, डाकघर के जरिये 100 रुपये किलो की दर से लीची उपलब्ध होगी। न्यूनतम दो किलो का ऑर्डर देना होगा। लीची की होम डिलीवरी की यह व्यवस्था मुजफ्फरपुर शहरी क्षेत्र में ही होगी।

डाकघर के साथ किया करार 

लॉकडाउन के चलते लीची की बिक्री को लेकर राज्य बागवानी मिशन पटना ने डाकघर के साथ करार किया है। फार्मर प्रोडयूसर नामक कंपनी डाक विभाग के माध्यम से ऑनलाइन व्यवस्था के तहत लीची की होम डिलीवरी करेगी। उद्यान निदेशालय की वेबसाइट 'http://horticulture.bihar.gov.in/' पर ऑर्डर करने के बाद लोगों के घरों तक लीची पहुंचाई जाएगी। होम डिलीवरी के बाद उपभोक्ता डिजिटल पेमेंट या नकद भुगतान कर सकेंगे। सहायक उद्यान निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि लीची को बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक पहल जारी है।

26 मई से होगी लीची की होम डिलीवरी 

25 मई के बाद लीची की वृहद पैमाने पर तुड़ाई के साथ होम डिलीवरी की तैयारी थी। लेकिन, अब अब 26 मई से लीची की होम डिलीवरी होगी। 15 जून तक ऑर्डर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हमारा मकसद उत्पाद को बाजार उपलब्ध कराना है। इसके लिए वाहनों को परमिट जारी कर दिया गया है। साथ ही लोडिंग प्वाइंट भी तय कर दिए गए है। कहा कि प्रयोग सही रहा तो आने वाले समय में बिहार के सभी जिलों में लीची समेत अन्य फलों की होम डिलीवरी शुरू की जाएगी। पोस्टमास्टर जनरल अशोक कुमार ने कहा कि लॉकडाउन के चलते लीची उत्पादक किसान निराशा में थे। बाजार और परिवहन की चुनौती थी। ऐसे में डाक विभाग और उद्यान निदेशालय की पहल से उन्हें राहत मिलेगी। उधर, बिहार लीची उत्पादक संघ अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि लीची को लेकर जो अनिश्चतता थी, उसपर विराम लगा है।

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